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छोटे उद्योगों काे जमीन दी, शर्त लगाई-तालाब ऐसा ही रहेगा, पेड़ भी नहीं कटेंगे

ग्राम रेवती में इंडस्ट्री एरिया के लिए जिला प्रशासन ने दी बड़ी राहत, वन विभाग से भी ली जाएगी जमीन  

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छोटे उद्योगों काे जमीन दी, शर्त लगाई-तालाब ऐसा ही रहेगा, पेड़ भी नहीं कटेंगे

छोटे उद्योगों काे जमीन दी, शर्त लगाई-तालाब ऐसा ही रहेगा, पेड़ भी नहीं कटेंगे

इंदौर. छोटे उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए जिला प्रशासन ने ग्राम रेवती में औद्योगिक नीति व निवेश विभाग को जमीन दी है। इस जमीन पर तालाब और पेड़ हैं, इसलिए जिला प्रशासन ने शर्त लगाई है कि तालाब को संरक्षित करना होगा और कोई पेड़ नहीं काटा जाएगा। उधर, वन की जमीन भी विभाग को देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

सरकार की मंशानुरूप छोटे उद्योगों के लिए औद्योगिक नीति व निवेश प्रोत्साहन विभाग जिला प्रशासन से सरकारी जमीनें आवंटित करने की मांग कर रहा है। इसके चलते मल्हारगंज तहसील के ग्राम रेवती की 30.392 हेक्टेयर जमीन मांगी थी। नगर निगम, टीएंडसीपी और आइडीए ने एनओसी जारी की तो हाल ही में कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी ने रेवती के सर्वे नंबर 115, 118/1, 120 और 121 की कुल 4.717 हेक्टेयर सरकारी जमीन औद्योगिक विभाग को हस्तांतरित करने का आदेश दिया। इस जमीन पर तालाब और इमारती लकडि़यों के पेड़ हैं, इसलिए तालाब को संरक्षित करने की शर्त लगाई। यह भी कहा कि जमीन पर लगे पेड़ों के साथ आसपास के क्षेत्र में लगे पेड़ों की भी सुरक्षा करनी होगी। हालांकि प्रस्तावित इकाई का बड़ा हिस्सा विभाग को नहीं मिला है। ऐसे में नई औद्योगिक इकाई की योजना अभी नहीं बन पाएगी।

वन विभाग से होगी अदला-बदली

औद्योगिक विभाग ने रेवती के सर्वे 112, 113, 115, 118/1, 120, 121, 122/2 व 126/3 की कुल 30.392 हेक्टेयर जमीन मांगी थी। इसमें से महज 4.717 हेक्टेयर जमीन ही दी गई है। शेष जमीन वन विभाग की है। इस पर राजस्व विभाग वन विभाग से जमीन का आदान-प्रदान करेगा। इसका प्रस्ताव वन विभाग को भेजा जाएगा। दोनों विभागों की सहमति होने पर जमीन राजस्व विभाग की हो जाएगी और इसे नए औद्योगिक क्षेत्र के लिए आवंटित किया जा सकेगा। मालूम हो, औद्योगिक विभाग ने छोटे उद्योगों के लिए ग्राम रेवती का चयन किया है। उज्जैन रोड पर यह शहरी सीमा से लगा है। मेन रोड पर कई कॉलोनियां विकसित हैं। पूर्व में यहां पहाड़ी पर खदान थी, जिसे जिला प्रशासन ने हाई कोर्ट के आदेश पर बंद कराया था।

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ग्राम रेवती में औद्योगिक नीति व निवेश विभाग को जमीन दी गई है। हमने शर्त रखी है कि तालाब और पेड़ों को संरक्षित किया जाएगा।

डॉ. इलैयाराजा टी, कलेक्टर