
इंदौर. निजी कॉलेजों की मनमानी की शिकायतें यूनिवर्सिटी में आम बात है। कभी नियमों को ताक पर रखकर एडमिशन देना तो कभी छात्रों से फीस के अतिरिक्त राशि वसूलना। एक अनोखी शिकायत यूनिवर्सिटी पहुंची जिससे अफसर भी हैरान हैं। निजी कॉलेज ने एक सरकारी कॉलेज पर एडमिशन में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। शिकायत मिलने पर यूनिवर्सिटी ने सरकारी कॉलेज को नोटिस जारी कर एडमिशन का आधार बताने को कहा है।
गवर्नमेंट लॉ कॉलेज में बीते दिनों अश्विन पटेल को सातवें सेमेस्टर में एडमिशन दिया गया। छात्र इससे पहले राऊ स्थित निजी लॉ कॉलेज में पढ़ रहा था। नियमानुसार कोर्स पूरा होने से पहले कॉलेज बदलने के लिए टीसी (ट्रांसफर सर्टिफिकेट) निकालकर एडमिशन लेने वाले कॉलेज में जमा कराना होता है। लेकिन, गवर्नमेंट लॉ कॉलेज ने टीसी के बगैर ही एडमिशन दे दिया। निजी कॉलेज को इसकी जानकारी मिली तो कुलपति प्रो. नरेंद्र धाकड़ को मामले की जानकारी देते हुए आपत्ति दर्ज कराई। कॉलेज की ओर से नियमों का हवाला देते हुए गवर्नमेंट लॉ कॉलेज के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की गई है।
प्रोविजनल एडमिशन
गवर्नमेंट लॉ कॉलेज की प्राचार्य डॉ. शुभा सुद्रास का कहना है कि छात्र को प्रोविजनल एडमिशन दिया गया है। उसने लिखित में दिया है कि वह टीसी लाकर जमा कर देगा। यूनिवर्सिटी ने उसका रिजल्ट भी जारी किया है। अगर एडमिशन में कोई गड़बड़ी है तो यूनिवर्सिटी को ही इसका जवाब देना चाहिए।
Published on:
12 May 2018 01:00 pm
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