Facebook and WhatsApp : - जनहित याचिका
Facebook and WhatsApp : इंदौर . सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म वाट्सऐप, फेसबुक, इंस्टाग्राम और ट्विटर के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर बुधवार को हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। सोशल मीडिया प्लेटफॉम्र्स ने पिछली सुनवाई में याचिका खारिज करने की मांग की थी। बुधवार को याचिकाकर्ता ने जवाब पेश किया। कोर्ट ने जवाब रिकॉर्ड पर लेकर केंद्र सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है। करीब 45 मिनट तक चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने पूछा कि इन प्लेटफॉम्र्स पर होने वाली आपत्तिजनक और विवादित पोस्ट की निगरानी कैसे हो रही है। किस मंत्रालय के अधीन यह व्यवस्था की गई है। चार सप्ताह के भीतर केंद्र सरकार को जवाब पेश करना होगा। दिल्ली से सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी और कपिल सिब्बल ने वर्चुअल रूप से कंपनियों की ओर से पैरवी की।याचिकाकर्ता द्वारा पेश जवाब में जानकारी दी गई है कि जिस आइटी रूल्स 2021 के अधीन फेसबुक और वाट्सऐप काम करने की बात कर रहे हैं, उन्हें तो खुद वाट्सऐप ने दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दे रखी है। बॉम्बे और मद्रास हाई कोर्ट ने उन नियमों पर रोक भी लगा रखी है। सुप्रीम कोर्ट में सोशल मीडिया को लेकर नहीं, बल्कि ओटीटी प्लेटफॉर्म पर अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री प्रदर्शित करने से जुड़ी याचिका विचारणीय है। यह याचिका सोशल मीडिया को लेकर दायर की है, इसलिए कंपनियों की आपत्ति खारिज कर याचिका पर विचार किया जाना चाहिए।
फेसबुक-वाट्सऐप का तर्क
फेसबुक-वाट्सऐप की ओर से कहा गया है कि आइटी रूल्स 2021 के तहत कंपनियां काम कर रही हैं। याचिका में लगाए गए आरोप को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है, इसलिए याचिका पर यहां सुनवाई उचित नहीं है। केंद्र सरकार ने भी ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी का गठन किया है, जो सोशल मीडिया को लेकर नया बिल लाने वाली है। ऐसी स्थिति में सभी कंपनियों का संचालन उसी अनुसार होगा, इसलिए याचिका खारिज की जानी चाहिए।
ये मुद्दे भी उठाए याचिका में
याचिका में मुद्दा उठाया गया है कि कोरोना काल के बाद से छोटे बच्चों के हाथ में मोबाइल आ गया है। उनके सोशल मीडिया अकाउंट बन गए हैं। इसके चलते इन पर आने वाली आपत्तिजनक सामग्री से वे सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। साइबर अपराध में भी इजाफा हो रहा है।