
प्रदेश में एक्सपोर्ट बढ़ाने के लिए ट्रांसपोर्टेशन पर सब्सिडी दे सरकार
इंदौर. प्रदेश में अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए निवेश के साथ एक्सपोर्ट बढ़ाने पर भी ध्यान देना होगा। सरकार ने 2030 तक देश के एक्सपोर्ट को 1000 बिलियन डॉलर करने का लक्ष्य रखा है। इसमें प्रदेश की हिस्सेदारी 50 बिलियन डॉलर यानी 4 लाख करोड़ के आसपास होगी। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सरकार को प्रदेश में नीति और इंफ्रा बनाने की जरूरत है। सरकार ट्रांसपोर्ट पर यानी फ्रेट सब्सिडी जैसे निर्णय लेगी तो यह लक्ष्य आसान हो जाएगा।
यह बात फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गेनाइजेशन के सीईओ अजय सहाय ने पत्रिका से चर्चा में कही। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में एक्सपोर्ट प्रमोशन एक्टिविटी के लिए इंदौर आए सहाय ने कहा, मप्र की एक्सपोर्ट में प्रगति अच्छी है। वर्तमान में देश में 2 फीसदी हिस्सेदारी है। इसे 5 फीसदी करना होगी। इस साल 38 हजार करोड़ का एक्सपोर्ट हुआ है। मार्च तक यह 68 हजार करोड़ हो जाएगा। 2030 तक यह 4 लाख करोड़ तक हो सकता है। उन्होंने कहा, इसके लिए सरकार को रोड मैप तैयार करने की जरूरत है। मप्र लैंड लाॅक स्टेट है। पोर्ट से दूरी ज्यादा है। आइडीसी के कंटेनर भी पांच ही हैं। पूर्वी प्रदेश में एक भी इनलैंड कंटेनर डिपो नहीं है। यह नेटवर्क सरकार को बढ़ाना चाहिए। प्रोत्साहित करने के लिए पोर्ट तक कनेक्टिविटी के साथ ट्रांसपोर्ट सब्सिडी देने का निर्णय भी लेना होगा। यहां फार्मा, गारमेंट जैसे सेक्टर में बहुत संभावनाएं हैं।
दो दिन में 4800 करोड़ का व्यापार
समिट में आर्गेनाइजेशन ने बायर-सेलर समिट का आयोजन किया। इसमें 30 देशों के 70 बायर आए थे। इन्होंने 450 से ज्यादा भारतीय व्यापारियों के साथ करीब 2600 मीटिंग की। इससे 4800 करोड़ का व्यापार विभिन्न देशों के साथ हुआ है। एग्रो प्रोसेसिंग, गारमेंट व इंजीनियरिंग में अच्छे करार हुए हैं।
Published on:
14 Jan 2023 06:22 pm
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