
इंदौर. पेड़-पौधों को संरक्षित रखने की बातें स्वच्छ शहर में मंचों से खूब बोली जाती हैं, बैठकों में बड़े निर्देश जारी होते हैं, लेकिन हकीकत में हरियाली उजड़ रही है। शहर के जिस पूर्वी व पश्चिमी रिंग रोड को ग्रीन बेल्ट बनाने की कवायद हुई थी, आज वह उजड़ रहा है। ग्रीन बेल्ट पर ही कई जगह निगम ने निर्माण कर लिए हैं तो कई जगहों पर लोगों के अतिक्रमण है। कई जगह हरियाली उजाडक़र लोग वाहन खड़े करने लगे हैं।पश्चिमी रिंग रोड में राजीव गांधी चौराहे से पीपल्याहाना तक ज्यादा स्थिति खराब है। वहीं पूर्वी रिंग रोड में चंदन नगर चौराहा से रेती मंडी तक ग्रीन बेस्ट पर कई निर्माण व अतिक्रमण है। इसे लेकर सबसे पहले नगर निगम को ही अपने निर्माण हटाने चाहिए। इन दोनों ङ्क्षरग रोड पर ग्रीन बेल्ट में ही शौचालय बन गए हैं। कई जगह पर टीनशेड लगाकर स्टोर रूम बना दिए हैं। कचरा वाहनों का स्टेशन भी बन गया है। ग्रीन बेल्ट में लोग दुकान लगाकर बैठे हैं।
अस्थाई निर्माण हटाया जाएगा : नगर निगम के उद्यान प्रभारी चेतन पाटिल ने बताया कि ग्रीन बेल्ट में जहां फेंङ्क्षसग नहीं हुई है वहां पर वाहन खड़े होते हैं। इसलिए पहले उन क्षेत्रों में फेंङ्क्षसग की जाएगी। जहां टीन शेड लगे हैं वह अस्थाई है इन्हें भी हटाया जाएगा। अब ग्रीन बेल्ट पर किसी तरह का निर्माण नहीं होने देंगे। पर्यावरणविद् भालू मोंडे ने बताया कि ङ्क्षरग रोड पर ग्रीन बेल्ट को सहजने की आवश्यकता है। जहां खाली जगह है वहां पौधे लगाने चाहिए और अतिक्रमण हटाया जाना चाहिए।
पूर्वी रिंग रोड
धार रोड को एबी रोड से जोडऩे वाला यह एक मात्र ङ्क्षरग रोड है। यह चंदन नगर से होकर फूटी कोठी, गोपुर चौराहा होते हुए एबी रोड तक जाता है। इस ङ्क्षरग रोड के ग्रीन बेल्ट पर भी अतिक्रमण हैं। सुदामा नगर ङ्क्षरग रोड क्षेत्र में ही निगम के निर्माण, शौचालय बनने के साथ कब्जे कर रखे हैं। यहां पर भी रोड के दोनों तरफ पेड़ खड़े हैं। ऐसे में इनको सहेजने की आवश्यकता है।
पश्चिमी रिंग रोड
राजीव गांधी चौराहा से देवास नाका तक पश्चिमी ङ्क्षरग रोड है। इसके दोनों तरफ ग्रीन बेल्ट विकसित करने के लिए जगह आरक्षित है। कई साल पहले हरियाली महोत्सव में हजारों पौधे लगाए थे। इसके बाद भी हर बारिश में पौधरोपण होता है। ग्रीन बेल्ट में नगर निगम ने सुलभ कॉम्प्लेक्स बना दिए है। कचरा वाहनों के लिए भी टीन शेड लगा दिए हैं। पीपल्याहाना चौराहा से आइटी पार्क तक तो स्थिति ज्यादा खराब है। ऐसे में नगर निगम के निर्माण कार्यों व लोगों के अतिक्रमण से हरियाली उजड़ गई है। ङ्क्षरग रोड पर जहां भी पौधे नहीं पनप सके वहां निर्माण होने लगे है। इस ङ्क्षरग रोड से शहर का अधिकांश ट्रैफिक गुजरता है। कई कॉलोनियां लगी हैं। ऐसे में ग्रीन बेल्ट को फिर से हरा-भरा करने की आवश्यकता है।
Published on:
28 Feb 2023 07:34 pm
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