
साढ़े 5 घंटे में ट्रांसप्लांट हुआ 'अनमोल' लिवर
इंदौर. ऑर्गन डोनेशन में इतिहास बनाने वाला इंदौर शहर सोमवार को एक और ग्रीन कॉरिडोर का साक्षी बना। इस बार भोपाल से लिवर लाकर चोइथराम अस्पताल में भर्ती मरीज को ट्रांसप्लांट किया गया। शाम तक चली सर्जरी के बाद डॉक्टरों ने ट्रांसप्लांटेशन को सफल बताया है। सोहागपुर के रहने वाले अनमोल जैन 17 सितंबर को दुर्घटना के शिकार हुए थे। निजी अस्पताल में इलाज के दौरान अनमोल को ब्रेनडेड घोषित किया गया। इस घड़ी में अनमोल के परिजनों ने दूसरों को अनमोल जिंदगियां देने के लिए अनमोल के अंग डोनेट करने का फैसला लिया। इसी फैसले से इंदौर में भर्ती एक 61 वर्षीय पुरुष को भी नया जीवन मिलने की उम्मीद जागी है। सोमवार को भोपाल से ग्रीन कॉरिडोर बनाकर लाया गया लिवर उन्हें ट्रांसप्लांट किया गया है। फैटी लिवर की समस्या के कारण वे जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे थे। उनका इलाज डॉ. अजय जैन के सुपरविजन में चल रहा था।
11 बजे से शुरू हुई तैयारी, 12.30 बजे से ट्रांसप्लांटेशन
लीवर के इंदौर पहुंचने से पहले ही चोइथराम अस्पताल में ट्रांसप्लांटेशन की तैयारी हो गई थी। 11 बजे ही रीसिवर पेशेंट को ओटी में शिफ्ट किया गया। लीवर ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. सुदेश सारडा अनमोल के लीवर के साथ 12.30 पर चोइथराम पहुंचे। शाम करीब 6 बजे तक लीवर ट्रांसप्लांट कर दिया गया। डॉ. सारडा ने बताया, लीवर ट्रांसप्लांटेशन सफल रहा है। ट्रांसप्लांटेशन के 24 से 48 घंटे तक मरीज को वेंटीलेटर सपोर्ट पर रखा जाएगा। इसके बाद करीब 7 दिन तक आईसीयू में रखेंगे।
रास्तेभर नहीं लगा ब्रेक, सवा दो घंटे में इंदौर आ गया लीवर
लीवर ट्रांसप्लांट करने वाले डॉ. सारडा ने बताया, आठ घंटे के भीतर लीवर ट्रांसप्लांट हो तो अच्छे रिजल्ट की उम्मीद रहती है। बॉडी से लीवर निकालने की प्रक्रिया में करीब सवा दो घंटे लगे। इसके बाद रास्तेभर गाड़ी के ब्रैक नहीं लगे। पुलिस प्रशासन और जनता का पूरा सहयोग मिला और सिर्फ सवा घंटे में ही लीवर को चोइथराम लाने में सफलता मिली।
Published on:
30 Nov 2022 01:25 am
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