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पत्रिका के खुलासे के बाद EOW की बड़ी कार्रवाई, 13.33 करोड़ के घोटाले में रजिस्ट्रार समेत 5 पर FIR

Indore Stamp Duty Scam: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर का है मामला, सीनियर रजिस्ट्रार, डिप्टी रजिस्ट्रार, दो बिल्डरों और एक आर्किटेक्ट समेत पांच पर FIR दर्ज, पत्रिका में ने किया था खुलासा, 13.33 करोड़ की स्टाम्प ड्यूटी चोरी का है मामला...

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Indore Stamp Duty Scam

Indore Stamp Duty Scam

Indore Stamp Duty Scam: 13.33 करोड़ की स्टाम्प चोरी के पत्रिका में खुलासा होने के बाद आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने केस दर्ज किया है। पत्रिका में जिम्मेदारों की पोल खुलने के बाद ईओडब्ल्यू ने जांच की और गड़बड़ी को सही पाया। इसके बाद वरिष्ठ जिला पंजीयक अमरेश नायडू, उप पंजीयक संजय सिंह, आर्किटेक्ट हितेंद्र मेहता और दो बिल्डर विवेक चुघ व अनिल जैन के खिलाफ एफआइआर दर्ज की।

सभी पर धारा 318 (4), 61 (2), 338, 336 (3), 340 बीएनएस 2023 व धारा 7 (सी), भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 में मुकदमा दर्ज किया है। जांच के दौरान उप पुलिस अधीक्षक पवन सिंघल ने 13.33 करोड़ से अधिक राशि की स्टाम्प ड्यूटी चोरी करना पाया।

ये है घोटाले की पूरी कहानी

मामला का है। यहां बायपास के मेन रोड स्थित कमर्शियल प्लॉटों का है। डीएलएफ गार्डन सिटी इंदौर प्राइवेट लिमिटेड ने सितंबर, अक्टूबर और नवंबर में सी-1 से लेकर सी-9 तक के प्लॉट बेचे। 7 प्लॉट बिल्डर विवेक चुघ ने खरीदे। इसकी रजिस्ट्री अलग-अलग तारीख में ढक्कन वाला कुआं ऑफिस में हुई। एक प्लॉट आर्किटेक्ट अनिल जैन और दूसरा हितेंद्र मेहता के नाम रजिस्टर्ड हुआ।

कॉलोनी के कमर्शियल प्लॉट की दर 25,400 रुपए प्रति वर्ग मीटर और नेशनल हाईवे पर होने से 100% वृद्धि कर 50,800 रुपए प्रति वर्ग मीटर की दर से रजिस्ट्री होनी थी। लेकिन ऐसा नहीं किया। सभी रजिस्ट्री मांगलिया सड़क गांव एनएच-3 की गाइडलाइन 14,200 रुपए के हिसाब से कर दी। इससे सरकार को 13.33 करोड़ से अधिक के राजस्व का नुकसान हुआ।

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