
संकट मोचन हनुमान मंदिर की कई पीढि़यों से कर रहे सेवा
इंदौर, शहर के कनाडि़या रोड स्थित सार्वजनिक संकट मोचन हनुमान मंदिर की भी कई मान्यता है। पिछले कुछ वर्षो पर मंदिर में श्रृध्दालुओ का विश्वास बढ़ा है। दर्शन के बाद कई लोगों की मन्नत भी पूरी हुई है। मंदिर के पुजारी बृजमोहन शर्मा के मुताबिक उनका परिवार की कई पीढि़यां महंत देवकीनंदन दास के नेतृत्व में मंदिर में पुजारी रहे है। मंदिर में हनुमान जी की मूर्ति की विशेष बात यह है की ब्रहम मूर्हूत में हनुमान भक्तों को बाल रूप में नजर आते है। यही वजह है की यहा श्रृध्दालुओं की भीड़ हमेशा रहती है। कई लोगों की मन्नते भी पूरी हुई है। यहां गंभीर बीमारी से ग्रसित मरीज भी दर्शन के लिए आते है। उनका मानना है की दर्शन के बाद उनके स्वास्थ्य में सुधार हुआ है। हनुमान जयंती पर मंदिर पर विशेष रूप से पूजा होगी। मंदिर प्राचीन काल से बना है। करीब ५० वर्ष पूर्व इसका निर्माण हुआ था। स्थानीय रहवासियों ने हनुमान मंदिर को मृर्त रूप देने में अपना योगदान दिया था।
- एलआइजी तिराहा श्री उदयवीर हनुमंत शक्ति पीठ धाम
नासे रोग हरे सब पीड़ा, जपत निरंतर हनुमत वीरा। हनुमान चालीसा की ये पंक्तियां एलआइजी तिराहे पर स्थित श्री उदयवीर हनुमंत शक्ति पीठ धाम पर सटीक बैठती है। इस मंदिर में आने वाले भक्तों की सब मनोकामनाएं पूरी होती है। इसके चलते वे दीए जलाते हैं। मंदिर के पुजारी हनुमान दास बताते हैं कि पास ही स्थित निजी अस्पताल में जो गंभीर बीमारी के चलते मरीज भर्ती रहते हैं उनके परिजन नियमित रूप से मंदिर आकर प्रार्थना करते हैं। जिन मरीजों के आपरेशन होते हैं उस समय भी परिवार का कोई सदस्य मंदिर में बैठकर प्रार्थना करता रहता है। लोगों की आस्था है कि यहां प्रार्थना करने से मरीज जल्दी स्वस्थ्य होते हैं। कुछ दिन पहले एक महिला अपने बेटे के जल्दी ठीक हो जाने के लिए रोजाना मंदिर आती रही। बेटे की अस्पताल से छुट्टी हुई इसके बाद से रोज आकर भगवान का अभिषेक कर रही है। सालभर में मंदिर पर गुरु पूर्णिमा, हनुमान जन्मोत्सव, अन्नकूट पर भंडारा होता है। करीब ८० साल पहले उनके पूर्वज मंगलदास महाराज यहां पर गुजरात के डाकोर जी से आए थे। तब ये इलाका जंगल था। भगवान की मूर्ति की स्थापना कर पास ही कुटिया बनाकर वे रहते थे। बारिश के समय छतरी लेकर मूर्ति के पास वे खड़े रहते।
१. श्री रणजीत हनुमान मंदिर
शत्रुओं पर विजय से मिली रणजीत नाम की ख्याति
श्री रणजीत हनुमान की स्थापना करीब सवा सौ साल पहले की गई थी। बताया जाता है कि पूरे इलाके में चंदन का घना जंगल हुआ करता था जिसके बीच रणजीत बाबा की प्रतिमा स्वयंभू प्रकट हुई थी। होलकर सेना किसी भी युद्ध में जाने के पूर्व एवं विजय प्राप्त कर आने के बाद यहां आशीर्वाद लेने जरूर आती थी जिस वजह से मंदिर का नाम रणजीत हनुमान पड़ा जिसका अर्थ है युद्ध को जीतने वाला। आज भी बड़ी संख्या में भक्त अपने शत्रुओं पर विजयश्री प्राप्त करने एवं कोर्ट कचहरी के मामलों में जीत का आशीर्वाद लेने बाबा के दरबार में पहुंचते हैं। मंदिर परिसर में ही एक कुआं है। किवदंती है कि कुएं का जल जटिल से जटिल पेट की बीमारी में अचूक दवा का काम करता है।
२. श्री वीर आलीजा हनुमान मंदिर
यहां हनुमानजी को लगता है भांग का भोग,
अंतिम चौराहे के भूतेश्वर रोड स्थित वीर आलीजा मंदिर का इतिहास सैंकड़ों साल पुराना है। मंदिर की मूर्ति का प्राकट्य आज से ७०० वर्ष पूर्व खजूर के पेड़ पर हुआ था। श्री वीर बगीची में विश्व के एकमात्र हनुमान है जिन्हें बिजीया (भांग) का भोग लगता है जो अपने आप में अद्भूत बात है। यहां पर आज भी चार सौ वर्ष पुरानी चैतन्यधुनी मौजूद है। यह मंदिर शहर के बाहरी घने वनक्षेत्र में बना था जहां इस वनस्थली में साधु संतों ने तापस भूमि के रूप में इसका विकास किया। तुकोजीराव महाराज यहां के अनन्य भक्त रहे जिन्होंने मल्हारगंज से वीर बगीची के मार्ग को मंदिर के गुरु कैलाशानंद के नाम पर कैलाश मार्ग नाम दिया। हनुमान भगवान के सन्मुख बद्रीविशाल धाम सिर्फ वीर बगीची में मौजूद है। यहां की मुख्य प्रतिमा वीर मुद्रा में विराजित है जो की शहर में एकमात्र है।
३. अखिलेश्वर धाम
द्वापरयुग में हनुमान रूकेथे यहां
शहर से ४५ किमी दूर स्थित है ओखला गांव में स्थित है अखिलेश्वर धाम। किवदंती है की रामेश्वर में ज्योर्तिलिंग की स्थापना के समय हनुमानजी नर्मदा के धावड़ी घाट पर शिवलिंग लेने आए थे। यहीं पर महर्षि वाल्मिकी का आश्रम होने से हनुमानजी यहां कुछ दिन ठहरे थे। यहां पर हनुमान प्रतिमा की विशेषता है की इनके हाथ में ही शिवलिंग विराजमान है। मंदिर में हनुमानजी को सिर्फ रोहिणी नक्षत्र में ही चोला चढ़ाया जाता है। मान्यता है की महर्षि वाल्मिकी द्वारा रचित रामायण का ज्यादातर हिस्सा इसी क्षेत्र में रचा गया है।
हाथों में शिवलिंग लिए खड़े हनुमान
इंदौर. शहर से ३५ किलोमीटर दूर सिमरोल की पहाडिय़ों के मध्य स्थित अखिलेश्वर धाम मंदिर जो रामायण काल से जुड़ा है। इसकी स्थापना त्रेतायुग में हुई थी। मंदिर की खासियत यह है कि यह भारत देश का एकमात्र ऐसा मंदिर है जहां हनुमान हाथों में शिवलिंग लिए खड़े हैं। १९७६ की अक्षय तृतीया के दिन से आज तक अनवरत मंदिर में अखंड रामायण का पाठ चल रहा है। मंदिर की मान्यता यह है कि जब राम-रावण युध्द से पहले रामेश्वर में शिवलिंग की स्थापना के लिए हनुमान शिवलिंग लेने गए थे तब नर्मदा की सहतल धारा धावड़ी घाट से लौटते वक्त हनुमान कुछ समय के लिए यहां ठहरे थे। मंदिर पुजारी सुभाष प्रसाद पुरोहित ने बताया जब औंकारदास जी महाराज का प्रभु मिलन हुआ था तब हनुमान जी की आंखों से अश्रु धारा बहने लगी थी। मठ पर हर माह रोहिणी नक्षत्र के दिन हनुमान को चोला चढ़ाया जाता है।
हनुमान जन्मोत्सव के लिए सजे मंदिर, आज भक्ति में डूबेगा शहर
इंदौर. शहर में शनिवार को हनुमान जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। शुक्रवार से ही मंदिरों को सजाने के साथ अखंड रामायण, हनुमान चालीसा, भजन संध्या के आयोजन शुरू हो गए। होगी। शनिवार को मंदिरों में विशेष आयोजन होंगें, हनुमानजी को चोला चढ़ाकर छप्पन भोग लगाया जाएगा।
रणजीत हनुमान मंदिर में शनिवार को राजस्थान की थीम पर सजावट होगी। पंडित राजस्थानी वेषभूषा में पाठ करेंगें। साथ ही दाल-बाटी और चूरमा का चढ़ावा चढ़ाया जाएगा। पं. दीपेश व्यास ने बताया, सुबह ६ बजे जन्मोत्सव आरती के बाद दर्शन शुरू होंगें, जो रात तक चलेगें। साथ ही कई अन्य आयोजन होंगें।
पंचकुईया में 108 दीपों से जन्मआरती
पंचकुईया स्थित श्री राम मंदिर आश्रम में अभिषेक, पूजन अर्चन, श्रृगांर, 108 दीपो से महाआरती, भोग, प्रसादी सहित विभिन्न आयोजन होंगें। भगवान का फूल बंगला मोगरे व गुलाब के फूलो से सजेगा। महामण्डलेश्वर लक्ष्मणदास महाराज ने बताया, सुबह 5 बजे हनुमानजी का आचार्यो व पंडितो द्धारा वैदिक मन्त्रोच्चार के बीच जाप के साथ दूध,दही,षहद,पंचामृत से अभिषेक होगा।
स्वर्ण बरक से वीर अलीजा सरकार का श्रंृगार
वीर अलीजा बगीची में वीर अलीजा हनुमान मंदिर में कई धार्मिक आयोजन भी सुबह से शाम तक आयोजित किए जाऐंगे। भगवान का स्वर्ण आभूषणों व स्वर्ण बरक से विशेष श्रृंगार किया जाएगा। संगीतमय सुंदरकांड का पाठ भी भक्तों द्वारा किया जाएगा। बाल ब्रह्मचारी पवनान्दजी महाराज के सान्निध्य में भक्तों द्वारा वीर अलीजा हनुमान की महाआरती भी की जाएगी।
श्रीविद्याधाम पर शुरू हुआ महोत्सव
विमानतल मार्ग स्थित श्री श्रीविद्याधाम पर हनुमान जयंती महोत्सव का शुभारंभ शुक्रवार प्रात: 7 बजे रामायण के अखंड पाठ की स्थापना के साथ हुआ। महामंडलेश्वर स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती के सान्निध्य एवं आचार्य पं. राजेश शर्मा के निर्देशन में रामायण भक्तों ने मानस का पूजन किया। शनिवार को प्रात: 6 बजे हनुमानजी की जन्मोत्सव आरती, महाभिषेक, महानैवेद्य आदि आयोजन होंगे।
हंसदास मठ पर गूंजी रामायण की चौपाईयां
बड़ा गणपति पीलियाखाल स्थित प्राचीन हंसदास मठ पर अखंड रामायण पाठ, भोग श्रृंगार महाआरती, भजन संध्या आदि के आयोजन होंगे। पं. पवन शर्मा ने बताया कि आश्रम स्थित प्राचीन पंचमुखी चिंताहरण हनुमानजी की दिव्य प्रतिमा पर हंस पीठाधीश्वर महंत रामचरणदास महाराज के सान्निध्य में शुक्रवार सुबह से अखंड रामायण पाठ प्रारंभ हुआ। शाम 7 बजे हनुमानजी का दूध, दही, गौघृत, शहद, इत्र आदि से अभिषेक होगा। शनिवार को प्रात: 6.30 बजे हनुमान जन्मोत्सव आरती होगी।
कांटाफोड़ मंदिर में ग्यारह मुखी प्रतिमा का महाभिषेक
नवलखा स्थित मनकामेश्वर कांटाफोड़ शिव मंदिर पर वर्ष 1998 में स्थापित हनुमानजी की ग्यारहमुखी प्रतिमा का शनिवार को हनुमान जयंती पर धूमधाम से महाभिषेक कर महाआरती की जाएगी। मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष विष्णु बिंदल ने बताया, शिव के 11 रूद्र से हनुमानजी के प्राकट्य की शास्त्रोक्त कथा के अनुसार इस प्रतिमा का निर्माण जयपुर के कलाकारों ने किया है।
यहां भी होंगे आयोजन
- पंचमुखी हनुमान मंदिर किष्किन्धा धाम, रंगवासा पर सुबह ६ बजे जन्म आरती के साथ फूलबंगला, ५६ भोग, कांकड़ा आरती के आयोजन होंगें। राजेन्द्र गर्ग ने बताया, गिरधरदास महाराज के सानिध्य में आयोजन होंगें।
- हिंदू जागरण मंच द्वारा सुबह ८.३० बजे बड़ा गणपति से हनुमान चौक धोबीघाट तक वाहन रैली निकाली जाएगी। वहीं युवा शक्ति संगठन द्वारा श्रीराम मंदिर गणेश्वरी कॉलोनी से भगवा रैली निकाली जाएगी।
- संस्था जय गोपाला द्वारा सांवेर रोड मौनी बाबा आश्रम से मरीमाता चौराहे तक बाल हनुमान यात्रा निकाली जाएगी। जिसमें टीवी धारावाहिक कर्म संकट मोचन हनुमान के कलाकार ईशानत भानुशाली आकर्षण का केन्द्र रहेंगें।
- सिद्ध अंगद हनुमान मंदिर मोती तबेला पर पं. लीलाधर शर्मा के मार्गदर्शन में अखंड रामायण पाठ व काकड़ आरती के आयोजन होंगें।
- नृसिंह बाजार के प्राचिन नृसिंह मंदिर में पुजारी छोटेलाल शास्त्री के सानिध्य में फूल बंगला और छप्पन भोग के साथ आरती के आयोजन होंगें।
- सार्वजनिक हनुमान मंदिर राजेन्द्र नगर में शनिवार शाम ६ बजे हनुमान जी की शोभा यात्रा निकाली जाएगी, जो इलाके के भ्रमण कर लौटेगी। जहां आरती और प्रसादी के आयोजन होंगें।
- नवरतनबाग स्थित विजय मारुती हनुमान मंदिर पर महंत मंगलदास महाराज खाकी के सानिध्य में भजन संध्या के साथ महाप्रसादी के आयोजन होंगें।
Published on:
31 Mar 2018 04:16 am
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