
इंदौर. शहर में बारिश मापने की जिम्मेदारी चार विभागों के पास है। सभी के वर्षामापी केंद्र शहर के अलग-अलग कोने में है। इससे हर विभाग का आंकड़ा अलग-अलग है। इस मानसून में 1 जून से 18 सितंबर तक सबसे अधिक 54.64 इंच वर्षा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का सेंटर बता रहा है, जो शहर के मध्य भाग रीगल तिराहे पर है।
यहां समझें पूरी स्थिति
सबसे कम 43.6 इंच बारिश कृषि विभाग का सेंटर बता रहा है, जो शहर के उत्तर-पूर्वी कोने पीटीसी के पास है। इनके अलावा बारिश का मापदंड प्रमुख रूप से मौसम विभाग के हस्ते है, जिसका केंद्र शहर के पश्चिमी क्षेत्र एयरपोर्ट पर है। मौसम विभाग के अनुसार इस मानसून में 18 सितंबर तक 44.8 इंच बरसात हो चुकी है, जबकि प्रशासन के हस्ते भू-अभिलेख कार्यालय का केंद्र 44.61 इंच बारिश बता रहा है। इनका सेंटर कलेक्टोरेट पर है, जो शहर का दक्षिण-पश्चिम कोना है। मालूम हो कि शहर की औसत वर्षा 37 इंच है, जिससे अब तक ज्यादा बारिश हो चुकी है।
सबसे अधिक सितंबर में: सभी विभागों के अनुसार सबसे अधिक बारिश सितंबर में हुई। मौसम विभाग के अनुसार 12 सितंबर को बंगाल की खाड़ी में जो चक्रवात बना उसके असर से पूरे मालवा-निमाड़ में सबसे अधिक बारिश हुई। मौसम विभाग ने 18 सितंबर तक 20 इंच तो कृषि विभाग के अनुसार इन 18 दिनों में 21.2 इंच बरसात हुई। इनके अलावा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड 26 इंच से अधिक बरसात हो चुकी है।
वर्षा मापने वाले 4 केंद्र
1. कृषि विभाग का पीटीसी के पास, जो शहर के उत्तर-पूर्वी दिशा में है।
2. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का रीगल तिराहा स्थित, जो शहर के मध्य क्षेत्र में है।
3. मौसम विभाग केंद्र इंदौर के एयरपोर्ट पर स्थित, जो पश्चिम दिशा में है।
4. भू-अभिलेख का कलेक्टोरेट स्थित जो दक्षिण-पश्चिम दिशा में है।
Published on:
19 Sept 2023 07:06 pm
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