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प्लॉटों के नाम पर करोड़ों की धोखाधड़ी करने वाले बिल्डर को फरार घोषित करने की कोर्ट से गुहार

हाई कोर्ट: प्रफुल्ल गाडगे, नवाब बेग के दफ्तर पर नोटिस चस्पा करने के आदेश

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इंदौर

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Ramesh Vaidh

Jan 30, 2021

प्लॉटों के नाम पर करोड़ों की धोखाधड़ी करने वाले बिल्डर को फरार घोषित करने की कोर्ट से गुहार

प्लॉटों के नाम पर करोड़ों की धोखाधड़ी करने वाले बिल्डर को फरार घोषित करने की कोर्ट से गुहार

इंदौर. शहर एवं आसपास के इलाकों में सात टाउनशिप में प्लॉट देने के नाम पर करोड़ों रुपए एकत्र कर धोखाधड़ी करने के आरोपी वात्सल्य बिल्डर्स प्रा. लिमिटेड के डायरेक्टर प्रफुल्ल गाडगे और अफसर नवाब बेग को फरार घोषित करने की मांग कोर्ट से की गई है।
तेजाजी नगर सहित शहर के अन्य थानों में आरोपियों के खिलाफ दर्ज केस में पीडि़तों ने कोर्ट में आवेदन दिया है। हालांकि फिलहाल कोर्ट ने पुलिस को आदेश दिए हैं कि वे आरोपी के ठिकानों और दफ्तर पर कोर्ट का नोटिस चस्पा करें, ताकि 22 फरवरी को आरोपियों को कोर्ट उपस्थित हो सकें। इन कॉलोनियों में अपने जीवनभर की पूंजी लगाने वाले पीडि़तों ने इस संबंध में पिछले दिनों आइडी हरिनारायण चारी मिश्रा से भी मुलाकात कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की थी।
केस दर्ज हुए करीब सवा साल हो गए हैं और अब तक सिर्फ एक आरोपी मानवेंद्र मजुमदार की गिरफ्तारी हो सकी है, वह भी हाई कोर्ट से जमानत पर रिहा है। पीडि़त संघ के वकील विनय सोनी ने आरोप लगाया है कि केस दर्ज होने के बावजूद आरोपी अफसर नवाब बेग उक्त कॉलोनियों के आसपास देखा गया है, लेकिन उसकी गिरफ्तारी नहीं हो रही है। गाडगे की तलाश में पुलिस नागपुर तक गई है लेकिन उसे पकड़ा नहीं गया है। दूसरी तरफ गाडगे यहां के पीडि़तों को फोन पर धमका रहा है। मिली जानकारी के अनुसार आरोपियों के खिलाफ जल्द ही गांधी नगर थाने में भी एफआइआर दर्ज करने की तैयारी है।
सात कॉलोनियों के नाम पर करीब 2500 प्लॉट लोगों को बेचे
मालूम हो वात्सल्य बिल्डर्स प्रा. लिमिटेड के डायरेक्टर मानवेंद्र मजुमदार, प्रफुल्ल गाडगे, अफ़सर नवाब बेग पर आरोप है कि उन्हें २०१० से २०१८ के बीच शहर एवं आसपास अलग-अलग हिस्सों में सात कॉलोनियां के नाम पर करीब २५०० प्लॉट बेच लोगों से करोड़ों रुपए लिए हैं। खंडवा रोड, राऊ और बायपास पर प्रेस्टीज -1, प्रेस्टीज-2, प्रेस्टीज-3, प्रेस्टीज-4, प्रेस्टीज -5 एंव शिवरेसीडेंसी-1 एंव शिव रेसीडेंसी -2 नाम से कटी कॉलोनियों में लोगों को प्लाट बेचे। इतना समय बीतने के बाद भी अधिकांश लोगों को कब्जे नहीं दिए गए और न ही कॉलोनियों में कोई डेलपलमेंट किया है। लंबे संघर्ष के बाद भी जमीन नहीं मिलने पर पीडि़त लोगों ने तेजाजी नगर में डायेरक्टर सहित अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया है।