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कैसे मिले त्वरित न्याय

मप्र हाई कोर्ट में 3.67 लाख केस पेंडिंग : जबलपुर में 14, ग्वालियर में 8 और इंदौर में 4 जजों के पद रिक्त

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इंदौर

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Ramesh Vaidh

Feb 04, 2021

कैसे मिले त्वरित न्याय

कैसे मिले त्वरित न्याय

इंदौर . मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की तीनों खंडपीठ मिलाकर 3 लाख 67 हजार 435 केस पेंडिंग हैं। इनमें से २ लाख २५ हजार 764 केस सिविल के हैं, जबकि 1 लाख 41 हजार 671 क्रिमिनल केस हैं। कोरोना काल के कारण १० महीने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जरूरी केसेस की सुनवाई होने से पेंडिंग केसों की संख्या तेजी से बढ़ी है। केसों की बढ़ती पेंडेंसी त्वरित न्याय दिलाने के अभियान को प्रभावित कर रही है।
केसों की पेंडेंसी बढऩे की मुख्य वजहों में से एक न्यायमूर्तियों की कमी है। न्यायालयों में केसों का लगातार भार बढ़ रहा है, लेकिन नए जजों की नियुक्तियां नहीं हो रही है। मप्र हाई कोर्ट की तीनों खंडपीठ में जजों के ५३ पद हैं, लेकिन इनमें से 26 पद खाली हैं। सिर्फ २७ जज तीनों खंडपीठ के लाखों केसों की सुनवाई कर रहे हैं। इन २७ जजों में से ७ जज भी इस वर्ष (2021) रिटायर्ड होने वाले हैं। न्यायालयों पर बढ़ते पेंडिंग केस के दबाव के बीच खाली पदों पर जजों की नियुक्ति की मांग की जा रही है।
सीजेआइ से मिलेगा प्रतिनिधिमंडल
राज्य अधिवक्ता परिषद के सदस्य और ऑल इंडिया बार एसोसिएशन में मप्र के प्रतिनिधि सुनील गुप्ता ने बताया, इस मुद्दे पर प्रतिनिधिमंडल चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआइ) से मिलेगा। वह बोले, मप्र हाई कोर्ट में २६ जजों के पद खाली होने से न्याय प्रक्रिया की गति धीमी हो गई है। इंदौर सहित अन्य स्थानों से जजों के नाम कॉलेजियम को गए हैं। हमारी मांग है, मप्र समेत अन्य प्रदेशों के लिए जजों के खाली पदों पर नियुक्ति की जाना चाहिए।
इंदौर में 10 में से चार पद खाली
इंदौर हाई कोर्ट में फिलहाल 6 न्यायमूर्तिगण सुनवाई कर रहे हैं, जबकि यहां स्वीकृत पदों की संख्या 10 है। गत सप्ताह तक तो पांच जज ही सुनवाई कर रहे थे। जस्टिस जगदीश प्रसाद गुप्ता का इंदौर ट्रांसफर होने के बाद संख्या 6 हुई है। मप्र हाई कोर्ट की जबलपुर बेंच में सर्वाधिक ३० जजों के पद स्वीकृत हैं, वहां भी लगभग आधे यानी 16 जज ही काम संभाल रहे हैं। ग्वालियर में 13 पदों में से पांच जज हैं।
इस वर्ष में ये हो जाएंगे रिटायर
1. जस्टिस विष्णुप्रताप सिंह चौहान (14 मार्च 2021)
2. जस्टिस जगदीश प्रसाद गुप्ता ( 20 मार्च 2021)
3. जस्टिस मो. फईन अनवर (4 अप्रैल 2021)
4. जस्टिस वीके श्रीवास्तव (30 जून 2021)
5. जस्टिस अखिल कुमार श्रीवास्तव (4 अगस्त 2021)
6. जस्टिस शैलेंद्र शुक्ला (4 अप्रैल 2021)
7. जस्टिस राजेंद्र कुमार श्रीवास्तव (31 दिसंबर 2021)
नियुक्ति को लेकर लगी जनहित याचिका
मप्र हाई कोर्ट में जजों के खाली पदों के मुद्दे पर गत माह जबलपुर हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी। कोर्ट ने इस मामले में कॉलेजियम और केंद्र सरकार द्वारा फैसला लेने का उल्लेख करते हुए याचिका निराकृत कर दी।