
इंदौर। विद्यार्थियों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने को लेकर अब शैक्षणिक संस्थानों को इंडस्ट्री व कंपनी से अनुबंध करना है। उच्च शिक्षा विभाग ने यह निर्देश सरकारी कॉलेजों को दे रखे हैं। लेकिन इसके बावजूद चुनिंदा कॉलेज ही इस दिशा में प्रयास करने में लगे हैं, जबकि बाकी सरकारी कॉलेज का स्टाफ गंभीरता नहीं दिखा रहा है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि कॉलेजों को अपने दायरे में आने वाली इंडस्ट्री-कंपनी से एमओयू करना है। ताकि इसके माध्यम से कोर्स पूरा होने के बाद विद्यार्थियों को रोजगार उपलब्ध करवा सकें। ये काम कालेजों को जल्द से जल्द करना है। अधिकारियों के मुताबिक कॉलेजों को इंडस्ट्री के माध्यम से छात्र-छात्राओं को कुछ क्षेत्र में प्रशिक्षण भी दिलवाना है।
सरकारी कॉलेजों को स्नातक-स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए रोजगार मेले और इंडस्ट्री-कंपनियों से अनुबंध कर प्लेसमेंट करवाना है। इंदौर जिले में सात सरकारी कालेज है, जिसमें होलकर साइंस, आर्ट्स एंड कामर्स, ओल्ड जीडीसी, न्यू जीडीसी, शासकीय विधि महाविद्यालय, निर्भय सिंह पटेल न्यू साइंस कालेज, शासकीय महाविद्यालय राऊ-सांवेर शामिल है।
वहीं इंडस्ट्री से आए विशेषज्ञ कॉलेजों में विद्यार्थियों को प्रैक्टिकल ट्रैनिंग दे सकें। वैसे सालभर बीतने के बावजूद सिर्फ एक ही कॉलेज ने अभी तक एमओयू किया है। बाकी कॉलेज के विद्यार्थियों को सिर्फ रोजगार मेले के माध्यम से नौकरियां दिलवाई जा रही है।
कॉलेजों की लापरवाही के चलते छात्र-छात्राओं को रोजगार के अच्छे अवसर नहीं मिले रहे है। अधिकारी के मुताबिक प्रदेशभर में कुछ ही कॉलेजों ने एमओयू किए है। उसके बारे में उच्च शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर जानकारी अपलोड की गई है।
Published on:
30 Jan 2023 05:24 pm
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