
शहर में होली की धमाल, पिचकारियों से उड़े रंग गुलाल
इंदौर. बुधवार रात शहर में जगह-जगह होलिका दहन के साथ रंगों के त्योहार की शुरुआत हो गई। सबसे पहले राजबाड़ा चौक पर होलकरकालीन परंपरा के तहत होलिका दहन हुआ। होलिका दहन के दौरान कई फाग यात्रा निकली, जिनमें जमकर गुलाल उड़ा। इसके पहले दिन में छात्र-छात्राओं, व्यापारियों के साथ विभिन्न कार्यालयों में होली की हुड़दंग रही। गुरुवार सुबह से ही बड़ों का आशीर्वाद लेकर युवाओं और बच्चों की टोली रंग-गुलाल पिचकारी में भरकर अपनों को रंगने निकल पड़े। राजबाड़ा पर 11 बजते-बजते लोगों की संख्या में काफी इजाफा हो गया। यहां पर लोगों ने एक-दूसरे को जमकर रंगा। भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने होली मनाते हुए सभी को होली की बधाई दी। जीएसआईटीएस के छात्र और फैकल्टी ने मिलकर अनाज और सब्जियों से प्राकृतिक रंग बनाए हैं। गुलाल ही तीन तरह का बनाया है।
साढ़े तीन घंटे के शुभ मुहूर्त में हुआ दहन
राजबाड़ा के अलावा पंढरीनाथ, मालगंज, जवाहर मार्ग, कोठारी मार्केट, सिख मोहल्ला सहित कई स्थानों पर होलिका दहन हुआ। कई लोगों ने भद्रा होने से शुभ मुहूर्त में रात 8.59 से 12.31 के बीच होली जलाई। कुछ जगह अलसुबह दहन हुआ।
विद्याधाम परिसर
विमानतल मार्ग स्थित श्रीविद्याधाम पर आद्य गौड़ ब्राह्मण सेवा न्यास के फाग महोत्सव में बुधवार देर रात तक हजारों भक्तों ने सूखे रंग, फूल और अबीर-गुलाल से होली खेली। महामंडलेश्वर स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती व जानापाव के महंत गोपालानंद ब्रह्मचारी के सान्निध्य में द्वारका मंत्री ने फाग गीत गाए। श्री राधा-कृष्ण सत्संग मंडल ने बुधवार को पारसी मोहल्ला छावनी स्थित मुरली मनोहर मंदिर से फाग यात्रा निकाली। इसमें भक्तों ने मुरली मनोहर संग फूलों और सूखे रंगों से होली खेली। वृंदावन इस्कॉन मंदिर के कलाकारों ने नृत्यों की प्रस्तुति से मन मोह लिया। मुरली मनोहर को फूलों से सुसज्जित रथ में विराजमान किया गया।
भद्रा के कारण देरी से दहन
ज्योतिषाचार्य पं. गुलशन अग्रवाल ने बताया, दहन प्रदोषकाल में भद्रा रहित पूर्णिणा तिथि में किया जाता है। बुधवार को सुबह 10.44 बजे से रात्रि 8.59 बजे तक भद्रा थी। इसलिए रात 9 बजे बाद ही महिलाओं ने पूजन किया और देर रात से होलिका दहन का सिलसिला शुरू हुआ।
Published on:
21 Mar 2019 01:03 pm
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