
इंदौर. होली के लिए यूं तो सौ से ज्यादा वैरायटी में ग्रीटिंग कार्ड आए हैं, लेकिन इसमें भी कलर वाला कार्ड लोगों को खासतौर पर आकर्षित कर रहा है। इस कार्ड में कलर पैक हैं। कारोबारी बताते हैं कि बीते तीन-चार सालों से ग्रीटिंग कार्ड का चलन बेहद कम हो गया है लेकिन पुराने लोग आज भी मोबाइल के बदले ग्रीटिंग कार्ड के माध्यम से अपनी खुशियां बताना पसंद करते हैं, जिनके लिए हैंड मेड ग्रीटिंग कार्ड की विस्तृत श्रृंखला है।
कीमत: 20 से 200 रुपए नग- सात से अधिक वैरायटी में गुब्बारे मिल रहे हैं। कुछ गुब्बारे लंबे हैं, जिनमें रंगीन पानी या हवा पिचकारी के माध्यम से भरी जा सकती है। इसके अलावा नल से पानी भरने के इक्यूपमेंट के साथ वाले गुब्बारे तो मीडियम साइज व लार्ज गुब्बारे भी हैं।
कीमत: 149 से 175 रुपए- बच्चों के साथ बूढ़े तक स्टाइलिश चॉकलेट के दीवाने हैं। इनके लिए गोल्डन चॉकलेट आई है, जिसका अनूठा स्वाद खास तौर पर पसंद किया जा रहा है। बताया गया कि कॉफी स्वाद वाली इस चॉकलेट में ड्रायफ्रूट का जबर्दस्त मिश्रण है।
कीमत: 149 रुपए पैकेट (लगभग 40 नग)
रात को चालू हो गए पंप, वरना बिगड़ जाती होली
दो दिन बाद मिलता लोगों को पानी और झेलनी पड़ती किल्लत
होली का त्योहार जमकर मनाया जाता है। रंग के साथ पानी भी खूब उड़ाया जाता है। इस बार पश्चिम क्षेत्र में होली बिगड़ते-बिगड़ते बच गई, जबकि होली और रंगपंचमी की सबसे ज्यादा हुड़दंग इस क्षेत्र में ही होती है। बुधवार रात ८ बजे जलूद में इलेक्ट्रिक फाल्ट होने से नर्मदा दूसरे चरण के पंप बंद हो गए।
अगर समय रहते रात को ही फाल्ट नहीं सुधरता तो आज सुबह पश्चिम क्षेत्र की ४६ टंकियों से पानी सप्लाय प्रभावित होता। साथ ही कई टंकियां नहीं भर पातीं। इस कारण इन टंकियों से जुड़ी सैकड़ों कॉलोनी-मोहल्लों में लोगों को दो दिन बाद पानी मिलता और शुक्रवार को धुलेंडी का त्योहार बिगडऩे के साथ शनिवार तक किल्लत अलग झेलना पड़ती, क्योंकि आज पानी सप्लाय न होने पर टर्न दो दिन बाद शनिवार को ही आता।
लोगों का होली त्योहार न बिगड़े इसके लिए जलकार्य समिति प्रभारी बलराम वर्मा और नर्मदा प्रोजेक्ट के कार्यपालन यंत्री संजीव श्रीवास्तव ने पश्चिम क्षेत्र बिजली वितरण कंपनी के अफसरों से इलेक्ट्रिक फाल्ट को जल्द से जल्द सुधारने का कहा। रात ८ बजे हुए फाल्ट को ढूंढक़र रात ९.४५ बजे तक सुधार दिया गया।
इसके बाद बंद हुए नर्मदा दूसरे चरण के पंप चालू किए गए और देर रात पानी बिजलपुर स्थित नर्मदा कंट्रोल रूम पर पहुंचा। इसके बाद पश्चिम क्षेत्र की टंकियों को भरना शुरू किया जो कि क्षमता के हिसाब से भर गईं और आज सुबह का सप्लाय सामान्य रहा।
इधर, जलकार्य समिति प्रभारी वर्मा और कार्यपालन यंत्री श्रीवास्तव ने कहा इलेक्ट्रिक फॉल्ट को सुधारने में देरी होती तो पश्चिम क्षेत्र की अन्नपूर्णा, छत्रीबाग, द्रविड़ नगर, बिलावली, सदर बाजार, लोकमान्य नगर, चंदन नगर और भंवरकुआं सहित ४६ टंकियों से पानी सप्लाय प्रभावित होता।
Published on:
01 Mar 2018 02:56 pm
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