
हनीट्रैप : श्वेता-बरखा से मिलने जिला जेल पहुंचे परिजन, देखते ही रो पड़ी श्वेता, बोली - किसी भी तरह मुझे बाहर निकाल लो
इंदौर. न्यायिक हिरासत में जाने के बाद हनी ट्रैप में फंसी दो आरोपित महिलाओं की कल उनके परिजनों से मुलाकात हो सकी। बताया जाता है कि एक श्वेता के नाम के आगे पति के बदले पिता का नाम लिखा गया है, इसके चलते कागजी कार्रवाई और उसे बाहर बुलाने तक में काफी समय लग गया।
श्वेता स्वप्निल जैन, श्वेता विजय जैन और बरखा सोनी जिला जेल में बंद हैं। शुक्रवार रात इनको जेल लाया गया था। शनिवार को उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। कल श्वेता स्वप्निल जैन और बरखा के परिजन उनसे मिलने पहुंचे थे।
सुबह 7 बजे के करीब उससे मिलने के लिए परिजन पहुंच गए थे। सूत्रों के अनुसार जेल में बंद श्वेता स्वप्निल के नाम में पिता विजेंद्र जैन लिखा गया है। कल जब पति मुलाकात के लिए पहुंचा तो कम्प्यूटर सिस्टम में नाम डालने पर इस बारे में पता चला। कुछ औपचारिकताएं पूरी करने के बाद मुलाकात के लिए महिला वार्ड में नाम भेजा गया, लेकिन पिता का नाम होने से जेल स्टाफ भी भ्रमित होता रहा कि किस श्वेता को बाहर भेजा जाए। आखिरकार स्टाफ ने परिजन से बात की और उसके बाद श्वेता को मुलाकात जाली पर भेजा गया। इस चक्कर में ढाई से तीन घंटे का समय लग गया। उससे मिलने के लिए दो व्यक्ति आए थे।
श्वेता रो पड़ी, बरखा चुप
मुलाकात के दौरान परिजन से सामना होने पर श्वेता रो पड़ी। परिजन से बार-बार यही कह रही थी कि किसी भी तरह से उसे बाहर निकाल लो। जल्द से जल्द छुड़वाओ। परिजन उसे ढांढ़स बंधाते रहे। वहीं बरखा से मिलने के लिए पति अमित सोनी के नाम से मुलाकात लिखाई गई थी। वह संयमित नजर आई।
Published on:
24 Sept 2019 05:01 pm

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