
Pig Butchering Scam indore cyber fraud(photo:AI)
Pig Butchering Scam Indore: इंदौर में पहली बार पिग बुचरिंग स्कैम का मामला सामने आया है। मेट्रिमोनियल साइट पर शादी का प्रस्ताव भेज कर महिला ठग ने सॉफ्टवेयर कंपनी के कंसल्टेंट से 63 लाख रुपए की ठगी कर ली। पुलिस ने बताया, पिग बुचरिंग स्कैम में शादी का प्रस्ताव भेजने वाली ठग पहले मीठी बात कर पीड़ित को प्रेम के जाल में फंसाती है। फिर निवेश के नाम पर रुपए ठग लेती है। कंसल्टेंट भी महिला की मीठी बातों में फंसा और शेयर में निवेश के नाम पर 63 लाख रुपए लुटा बैठा। क्राइम ब्रांच ने केस दर्ज किया है।
एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया, तलाकशुदा सॉफ्टवेयर कंसल्टेंट (40) ने मेट्रिमोनियल साइट पर प्रोफाइल अपलोड किया था। उसने कायरा मल्होत्रा नामक महिला का प्रोफाइल देखा। शादी के लिए रिक्वेस्ट भेज दी। कुछ दिन बाद महिला ने रिक्वेस्ट एक्सेप्ट कर ली। दोनों वाट्सऐप पर चैट करने लगे।
पीड़ित ने बताया, महिला ने कहा था-वह फॉरेक्स ट्रेडिंग में अनुभवी है। 20% लाभ कमाती है। महिला ने प्यार भरी मीठी बातों में फंसाया। पीड़ित ने टुकड़ों में 63.56 लाख निवेश कर दिए। लेकिन निवेश की राशि भी नहीं मिली।
पिग बुचरिंग स्कैम साइबर ठगी का एक बेहद शातिर तरीका है। इसमें ठग पहले पीड़ित से भावनात्मक रिश्ता बनाते हैं और फिर धीरे-धीरे उसे आर्थिक रूप से पूरी तरह खोखला कर देते हैं। इस स्कैम का नाम जानबूझकर 'पिग बुचरिंग' रखा गया है, क्योंकि इसमें ठग पीड़ित को एक तरह से पहले पालते-पोसते हैं, उसका भरोसा जीतते हैं और सही समय आने पर उसकी सारी जमा पूंजी एक साथ निकलवा लेते हैं।
इस स्कैम की शुरुआत आमतौर पर मेट्रिमोनियल साइट, सोशल मीडिया या डेटिंग ऐप के जरिए होती है। ठग खुद को आकर्षक, पढ़ा-लिखा और सफल व्यक्ति बताता है। कुछ ही दिनों में मीठी बातें, प्यार भरे मैसेज और शादी या भविष्य के सपने दिखाकर सामने वाले को भावनात्मक रूप से खुद से मजबूत तरीके से जोड़ लेते हैं।
जब पीड़ित पूरी तरह से उस पर भरोसा करने लगता है, तब ठग निवेश का प्रस्ताव देता है। इसमें फॉरेक्स ट्रेडिंग, शेयर मार्केट, क्रिप्टो करेंसी या किसी खास ऐप के जरिए मोटे मुनाफे का लालच दिया जाता है। शुरुआत में छोटे अमाउंट पर नकली मुनाफा दिखाकर भरोसा और पक्का किया जाता है। इसके बाद पीड़ित से बड़ी रकम निवेश करवाई जाती है। जैसे ही मोटी राशि ट्रांसफर होती है, ठग संपर्क तोड़ देता है या फर्जी तकनीकी कारण बताकर पैसे फंसा देने की बात कहता है। अंत में न मुनाफा मिलता है, न ही मूल रकम वापस आती है।
एमपी पुलिस का कहना है कि, पिग बुचरिंग स्कैम खासतौर पर अकेले रहने वाले, तलाकशुदा या भावनात्मक रूप से संवेदनशील लोगों को निशाना बनाता है।इंदौर में सामने आया यह मामला इसी खतरनाक साइबर ठगी का ताजा और पहला उदाहरण है।
Updated on:
30 Jan 2026 09:42 am
Published on:
30 Jan 2026 09:39 am

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