5 अप्रैल 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बच्चों के खान-पान को लेकर हैं चिंतित तो करें ये काम, जंक फूड से भी ऐसे बचाएं

बच्चों के खान-पान को लेकर हैं चिंतित तो करें ये काम, जंक फूड से भी ऐसे बचाएं

3 min read
Google source verification

इंदौर

image

Hussain Ali

Feb 09, 2019

child

बच्चों के खान-पान को लेकर हैं चिंतित तो करें ये काम, जंक फूड से भी ऐसे बचाएं

इंदौर. अक्सर माता-पिता अपने बच्चों के खानपान को लेकर चिंतित रहते हैं। बच्चे घर का खाना नहीं खाते या फिर उनकी फास्ट फूड खाने की आदत होती है। बाहर चीजें खाने की उनकी लत पड़ जाती हंै। कुछ बातों का ध्यान रखकर बच्चों में घर के पौष्टिक खानपान के प्रति दिलचस्पी पैदा की जा सकती है।

डाइट हो हेल्दी

बचपन से ही हेल्दी खाने की आदत बच्चों में डालनी चाहिए। बचपन की आदतें जीवनभर तक उसके साथ रहती है। अच्छा खानपान अच्छी सेहत देता है। हर माता-पिता के लिए चुनौती यह होती है कि किस तरह से उनके हाथ से चॉकलेट की कैंडी, उनका फेवरेट चॉकलेट शेक छुड़ाकर हरी-भरी सब्जियां, फ्रूट कस्टर्ड, फ्रूट शेक थमाएं। अगर माता-पिता इस चुनौती को पार पा लेते हैं तो उनके बच्चों की आदत हेल्दी खानपान की हो जाती है।

आदत डालें फल-सब्जियों की

कोशिश होनी चाहिए कि बच्चे दिलचस्पी से हरी सब्जी खाएं। बच्चों के संपूर्ण विकास के कैल्शियम, मिनरल्स और विटामिन्स से भरपूर सब्जियां खाना जरूरी है। बच्चों को हरी सब्जी की आदत डालना आसान काम नहीं है। पैरेंट्स की कोशिश होनी चाहिए कि वे बच्चों को हरी सब्जियों की अहमियत बताएं और साथ ही वे सब्जियों को अच्छे अंदाज में बच्चों के लिए बनाएं ताकि बच्चों के मन में सब्जियों के प्रति दिलचस्पी पैदा हो।

खाने में सहयोग

बच्चों की खाने में दिलचस्पी पैदा करने के लिए एक तरीका यह भी है कि खाना बनाने के मामले में उनकी मदद ली जाए। उम्र कम हो तो उन्हें किचन में बैठकर कुक करते हुए देखने कहें। उनसे राय लें। उन्हें बताएं और समझाएं कि आप क्या बना रहे हैं और यह कितना उपयोगी है।

सलाद की आदत

बचपन से ही खाने के साथ सलाद की आदत काफी फायदेमंद रहती है। बच्चों में खाने के साथ सलाद की आदत विकसित करें। उनमें प्याज, टमाटर, खीरा, मूली आदि खाने की आदत डालें। सलाद के रूप में इन चीजों को खाने से बच्चों की सही ग्रोथ होती है।

कम ही खाएं जंक फूड

अधिकतर बच्चों की आदत होती है कि वे बाजार के जंक फूड को तरजीह देते हैं। चॉकलेट, बिस्कुट, टॉफी और नमकीन को खाकर ही वे अपनी भूख मिटाना चाहते हैं। कोशिश करें कि बच्चे बाहर की ये चीजें कम ही खाएं। ध्यान रखें कि बच्चों को हर तीन से चार घंटें में खाने की जरूरत होती है। इसके लिए आप घर पर स्नैक्स के सेहतमंद विकल्प रखें, ताकि आपका बच्चा हेल्दी चुनाव कर सके। ऐसे में वह बाहर के खाने-पीने की चीजों से भी बचा रहेगा।

दही-नारियल पानी

बच्चों के खानपान में कुछ चीजों को प्राथमिकता से शामिल कर उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाया जा सकता हैैै। दही और नारियल पानी बच्चों के लिए काफी फायदेमंद है। दही शरीर को ठंडक देता है। दही की लस्सी और रायते को रोजाना दोपहर के खाने में जरूर शामिल करें। बच्चों को लस्सी में फ्लेवर और शरबत डालकर भी पिला सकते हैं। नारियल के पानी में बहुत से मिनरल्स होते हैं। पैरेंट्स बच्चों को पानी की जगह दिन में दो-तीन बार नारियल का पानी पिला सकते हैं। पैरेंट्स कोशिश करें कि बच्चों की डिमांड को सेहतमंद टेस्टी रेसिपी का रूप दें। यदि उनका मन फे्रंच फ्राइज खाने का कर रहा हो तो डीप फ्राइड की बजाय आप बेक्ड फ्राइज बनाएं। इसी प्रकार यदि वे चॉकलेट केक खाना चाहते हैं, तो आप पूरी तरह से मैदे के बजाय ओट्स और गेहूं के आटे से केक तैयार कर सकती हैं। कोशिश करें आप उनकी दिलचस्पी में किसी न किसी तरह सेहतमंद इन्ग्रीडिएंट्स शामिल करें। इससे बच्चों को इन चीजों को लेकर दिलचस्पी बढ़ेगी।