
इंदौर. मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने मंगलवार को देशभर के कॉलेज और यूनिवर्सिटी की रैंकिंग जारी की है। इसमें इंदौर की देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी को बड़ा झटका लगा। पिछली बार १०० से १५० के बीच जगह बनाने वाली यूनिवर्सिटी इस बार १५१ से २०० के बीच बड़ी मुश्किल में शामिल हो पाई है। हालांकि, आईआईएम और आईआईटी के साथ स्कूल ऑफ फॉर्मेसी ने इंदौर का नाम टॉप ५० में काबिज रखा।
एनआईआरएफ (नेशनल इंस्टिट्यूशनल रैंकिंग फे्रमवर्क) में २०१८ के लिए नौ श्रेणी (कॉलेज, यूनिवर्सिटी, लॉ, मैनेजमेंट, मेडिकल, फॉर्मेसी, आर्किटेक्चर, इंजीनियरिंग और ओवरऑल) को शामिल किया था। डीएवीवी ने रैंकिंग में सुधार के साथ दावा किया था कि कम से कम देश की टॉप १०० यूनिवर्सिटी में जरूर जगह मिलेगी। इसके अलावा मैनेजमेंट, इंजीनियरिंग, लॉ और फॉर्मेसी में भी अलग से दावेदारी की गई, लेकिन रैंकिंग उम्मीदों से विपरित रही। टॉप १५० में भी नहीं आ पाई। शिक्षाविदों के अनुसार दो साल में यूनिवर्सिटी अपने नाम एक भी बड़ी उपलब्धि नहीं कर पाई है। इसका ही खामियाजा एनआईआरएफ की रैंकिंग में दिखा है। २०१५ तक डीएवीवी के पास सात सैप के प्रोजेक्ट थे। इसके साथ सेंटर विद पोटेंशियल फॉर एक्सीलेंस इन सोशल साइंस, ईएमआरसी और स्कूल इकोनॉमिक्स को राज्य सरकार से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस व स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स का स्टेट प्लानिंग कमिशन की चैयर भी मिली थी। पूर्व कुलपति प्रो.डीपी सिंह के कार्यकाल में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इन्हीं उपलब्धियों को देखते हुए डीएवीवी को मॉडल यूनिवर्सिटी का दर्जा देने की भी घोषणा की। मौजूदा स्थितियों को देखते हुए अभी ए ग्रेड बरकरार रखना भी मुश्किल नजर आ रहा है।
आईआईएम लुढक़ा, आईआईटी में सुधार
शहर के दोनों प्रीमियर संस्थानों की रैंकिंग में भी एक पायदान के बदलाव हुए है। मैनेजमेंट संस्थानों की श्रेणी में आईआईएम इंदौर ६०.२८ स्कोर के साथ ११वीं रैंक पर रहा है। पिछली बार आईआईएम को दसवां स्थान मिला था। इंजीनियरिंग श्रेणी में आईआईटी की रैंकिंग में सुधार हुआ है। आईआईटी को पिछले साल १५वीं रैंक पर संतोष करना पड़ा था। इस बार ५७.९५ स्कोर के साथ आईआईटी १४वीं रैंक पर रहा। डीएवीवी का स्कूल ऑफ फार्मेसी पिछली बार ३१वीं रैंक पर था जो इस बार ४०.११ स्कोर के साथ ४५वीं रैंक पर लुढक़ गया है।
इन बिंदुओं पर तय हुई रैंक
- टीचिंग, लर्निंग एंड रिसोर्सेस
- रिसर्च एंड प्रोफेशनल प्रैक्टिस
- ग्रेजुएशन आउटकम
- आउटरिच एंड इन्क्लुजिविटी
- परसेप्शन
देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी में सुधार के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे है। अब और गंभीरता से फैसले लिए जाएंगे। इंडस्ट्री की जरूरतों के आधार पर सिलैबस में बदलाव कराए जाएंगे।
नरेंद्र धाकड़, कुलपति
Published on:
04 Apr 2018 04:15 am
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