
इंदौर.देश में स्वच्छता, पहला वाटर प्लस शहर बनने के साथ कई उपलब्धियां हासिल करने वाले इंदौर का नाम एक और उपलब्धि के लिए चर्चा में है। यह उपलब्धि लोकल एरिया प्लान (LAP) को लेकर है। देश में सबसे पहले इंदौर ने इसे तैयार किया था। अब दूसरे शहर भी इसे तैयार करने के लिए इंदौर की मदद मांग रहे हैं।
पणजी ने मांगी मदद
गोवा की राजधानी पणजी का प्लान तैयार करने के लिए इंदौर से मदद मांगी गई है।पणजी स्मार्ट सिटी कंपनी की ओर से इंदौर के अफसरों से जानकारी मांगी गई है। पूछा है कि प्लान किस तरह तैयार किया जाए। इंदौर का प्लान तैयार करने वाले मुख्य नगर निवेशक विष्णु खरे ने पणजी के अफसरों को जानकारी दी है।
टीएंडसीपी में अटका इंदौर का प्लान
विडंबना है कि इंदौर के प्लान का अन्य शहर अनुसरण कर रहे हैं, लेकिन इंदौर का प्लान ही अटका पड़ा है। केंद्र सरकार द्वारा प्लान लागू करने को कह दिया गया था। इसके मुताबिक मास्टर प्लान में भी कई बदलाव किए जाने हैं। जिसका अधिकार नगर एवं ग्राम निवेश विभाग (टीएंडसीपी) को है। करीब एक माह पहले प्लान टीएंडसीपी को भेजा जा चुका है। जहां से आम जनता की दावे-आपत्ति के आधार पर बदलाव करते हुए गजट नोटिफिकेशन करना है। अभी तक टीएंडसीपी ने दावे-आपत्ति नहीं बुलाए हैं। इससे प्लान को लागू करने में देरी हो रही है।
इंदौर ने यह किया था
इंदौर नगर निगम ने कान्ह नदी से रेलवे पटरी तक के हिस्से में जवाहर मार्ग से डीआरपी लाइन चौराहे के बीच के हिस्से के लिए डिजाइन तैयार की थी। इसमें बताया गया था कि इस क्षेत्र को किस तरह विकसित किया जाएगा। केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने इसे स्वीकृति दे दी है। शहर के पुराने इलाके की जमीनों का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करने की योजना तैयार की थी। इसमें आबादी और खुले क्षेत्र सहित बाजार क्षेत्र भी शामिल हैं। मुख्य नगर निवेशक विष्णु खरे ने कहा कि पणजी स्मार्ट सिटी के अफसरों ने अपने यहां के लैप को तैयार करवाने के लिए मदद मांगी है। उन्होंने प्लान को तैयार करने और किन सुविधाओं का ध्यान रखना है, इस पर चर्चा की है। वे जो जानकारी चाहते हैं, हम उनसे साझा कर रहे हैं।
ये बदलाव होंगे इदौर के प्लान में
- सेंटर जेल की जगह व्यावसायिक कम रहवासी क्षेत्र के तौर पर विकसित किया जाना है।
- डीआरपी लाइन वर्तमान मास्टर प्लान में ग्रीन बेल्ट है, वहां पुलिस क्वार्टर के साथ पुलिसकर्मियों के लिए हाईराइज बिल्डिंग बनाई जानी है।
- सबनीसबाग और नार्थ तोड़ा की बस्ती की जगह. हाईराइज बिल्डिंग बनाकर उसमें बस्ती वालों को शिफ्ट करना है।
- गांधी हॉल और पोत्दार प्लाजा की खाली जमीन का भी उपयोग
- जवाहर मार्ग से लगे बाजार क्षेत्र की सड़कें चौड़ी की जानी है।
Published on:
05 Feb 2022 07:06 pm
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