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नगर निगम के मुफ्त वाले राशन में कटौती…आलू-प्याज, तेल व मिर्च-मसाला नहीं

दानदाताओं के हाथ खींचने से आई परेशानी और अन्य खाद्य सामग्री की मात्रा भी घटाई

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नगर निगम के मुफ्त वाले राशन में कटौती...आलू-प्याज, तेल व मिर्च-मसाला नहीं

नगर निगम के मुफ्त वाले राशन में कटौती...आलू-प्याज, तेल व मिर्च-मसाला नहीं

उत्तम राठौर. इंदौर
शहर में जरूरतमंद लोगों को नगर निगम मुफ्त राशन दे रहा है। कई दानदाताओं के मदद से हाथ खींच लेने के कारण अब इसमें आलू-प्याज, तेल व मिर्च-मसाले नहीं दिए जाएंगे।

कोरोना के फैलते संक्रमण को रोकने के लिए शहर को लॉक डाउन किया गया है। ऐसे में जरूरतमंद लोगों तक निगम मुफ्त में राशन पहुंचा रहा है, जो कि दानदाताओं द्वारा उपलŽध कराने के साथ निगम खरीद भी रहा है। जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए निगम द्वारा सिटी बस ऑफिस में कॉल सेंटर बनाया गया है। जिन्हें राशन की जरूरत है, उनकी सूचना प्राप्त होने पर राशन उपलŽध कराने की व्यवस्था की जाती है। ला ओमनी गार्डन से राशन भेजा जाता है। कॉल सेंटर पर आई सूचना व जोनल अधिकारियों द्वारा उनके क्षेत्र में मांग के आधार पर विभिन्न क्षेत्रों में लगभग रोज 10 हजार के आसपास राशन के पैकेट बांटे जा रहे हैं।

अभी तक निगम राशन में 10 किलो आटा, ढाई किलो चावल, ढाई किलो दाल, ढाई किलो आलू, ढाई किलो प्याज, एक किलो तेल, एक किलो शकर, नमक, हल्दी, मिर्च मसाले, चाय पत्ती दे रहा था। अब कटौती करते हुए निगम ने आलू-प्याज के साथ मसाले व तेल देना बंद कर दिया है। अन्य सामग्री का वजन भी कम कर दिया है। अब पैकेट में 5 किलो आटा, 1 किलो दाल, 2 किलो चावल, 1 किलो शकर व 1 किलो नमक दिया जा रहा है। इसका कारण पहले जैसी दान में सामग्री नहीं मिलना बताया जा रहा है। जो सामग्री मिल रही, वह पर्याप्त नहीं है, इसलिए सामग्री कम कर दी है।

कॉल सेंटर पर मदद मांगने वाले हुए कम
निगम से मुफ्त में राशन सामग्री मांगने वाले लोग भी कम हो गए हैं। पहले रोज 5 से 6 हजार लोग राशन की डिमांड करते थे, अब यह आंकड़ा 3500 के आसपास आ गया है। निगम अफसरों का कहना है कि घर-घर से किराना ऑर्डर लेने की वजह से यह संख्या घटी है। जो लोग सक्षम हैं, वह किराना खरीद रहे हैं। जिनके पास पैसा नहीं है, वही राशन मांग रहे हैं।

अब तक की 90 हजार लोगों की मदद
निगम ने अब तक 90 हजार घरों में मुफ्त राशन सामग्री पहुंचाई है। इसके साथ ही 4 लाख 50 हजार लोगों को भोजन पैकेट वितरित किए गए। शहर की 10 सामाजिक संस्थाओं की मदद से ये भोजन पैकेट तैयार हो रहे हैं। निगम सिर्फ इनका जरूरतमंद और गरीबों में वितरण करता है।

लगा है इतना अमला
कॉल सेंटर पर 40 कर्मचारियों की टीम सतत कार्य कर रही है। इसके साथ फूड पैकेजिंग के लिए 100 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है। इसके अतिरिक्त निगम के जोनल अधिकारी व सहायक राजस्व अधिकारी स्तर की 28 टीमें तैयार की गईं हैं, जिनके द्वारा राशन वितरण किया जा रहा है। निगम के लगभग 80 से अधिक वाहनों से राशन वितरण किया जा रहा है।

अब राशन सामग्री में आलू नही
अब राशन सामग्री में आलू-प्याज, मिर्ची, हल्दी और तेल आदि नहीं दिया जा रहा है। अन्य सामग्री दानदाताओं से ही प्राप्त हो रही है। कुछ सामग्री निगम भी खरीदकर बांट रहा है। हम जो सामग्री दे रहे हैं, वह पौष्टिक होने के साथ जरूरत पूरी करने वाली है।
संदीप सोनी, अपर आयुक्त, नगर निगम