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इनकम टैक्स में ये दिखाने से मिलेगी भारी छूट, 31 जुलाई लास्ट डेट

इनकम टैक्स रीटर्न भरने वाले अलर्ट हो जाएं, आपको इसी माह 31 जुलाई तक रीटर्न भरना है, अगर आप इसके बाद रीटर्न फाइल करते हैं तो आपको ब्याज के साथ लेट फीस भी देनी पड़ सकती है।

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इनकम टैक्स में ये दिखाने से मिलेगी भारी छूट, 31 जुलाई लास्ट डेट

इनकम टैक्स में ये दिखाने से मिलेगी भारी छूट, 31 जुलाई लास्ट डेट

इंदौर. इनकम टैक्स रीटर्न फाइल करने की लास्ट डेट 31 जुलाई है, इसके बाद आपको रीटर्न फाइल करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है, आप जितना जल्दी रीटर्न फाइल कर देंगे, उतनी जल्दी ही आप बेफ्रिक हो जाएंगे, आज हम बताने जा रहे हैं किस प्रकार के खर्च दिखाकर आप टैक्स में भारी छूट का फायदा ले सकते हैं।

वित्त वर्ष 2022-23 का आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई है। रिटर्न भरने के दौरान अपनी सभी आय नहीं बताई तो आयकर विभाग नोटिस जारी करेगा। ऐसे करदाता जिनकी लेखा पुस्तकों का ऑडिट नहीं होता है, उनके लिए आयकर रिटर्न दाखिल करना जरूरी है। सीए कीर्ति जोशी से जानते हैं कि रिटर्न भरने के दौरान किन बातों को ध्यान रखना जरूरी है।

रिटर्न फॉर्म भरते समय क्या सावधानी रखनी चाहिए?

सही फॉर्म का चुनाव आवश्यक है, क्योंकि आय के स्रोत को ध्यान रखते हुए रिटर्न फॉर्म दाखिल करना होता है। सभी बैंक खातों की जानकारी देना जरूरी है। सुनिश्चित कर लें कि रिटर्न में आपका मोबाइल नंबर एवं ईमेल आइडी सही हो। सभी बैंक खातों की जानकारी नहीं देने पर भविष्य में आपको परेशानी हो सकती है।

आयकर रिटर्न दाखिल करते समय कौन सी आय दर्शानी है?

सभी स्रोत से हुई आय नहीं बताने पर आयकर विभाग का नोटिस आ सकता है। रिटर्न में बचत खाते के ब्याज, एफडी या अन्य निवेश पर ब्याज, किराए से होने वाली आय, शेयर्स या म्यूचुअल फंड की खरीदी-बिक्री से आय जैसी जानकारी दें।

कौन-कौन सी छूट ली जा सकती है?

बच्चों की स्कूल/कॉलेज फीस, होम लोन के मूलधन का भुगतान, जीवन बीमा, पीपीएफ, ईपीएफ, टैक्स सेविंग म्यूचुअल फंड, धारा 80-डी के अंतर्गत व स्वास्थ्य बीमे की प्रीमियम, धारा-80 ई में एजुकेशन लोन के ब्याज एवं धारा 24 (बी) में होम लोन के ब्याज की कटौती सामान्यत: क्लेम की जा सकती है।

फॉर्म 26एस, एनुअल इनफार्मेशन रिटर्न (एआइएस) या टैक्सपेयर्स इनफार्मेशन समरी (टीआइएस) का क्या करें?

रिटर्न दाखिल करने से पहले फॉर्म 26एस, एआइएस और टीआइएस को चेक करना व उसका रिटर्न में भरी गई डिटेल से मिलान करना जरूरी है। इनमें अंतर आता है तो विभाग से नोटिस मिलना तय है। 26 एस में टीडीएस या टीसीएस से जुड़े टैक्स लेनदेन की जानकारी होती है। एआइएस और टीआइएस में वेतन, बैंक खातों पर ब्याज, शेयर या बांड में निवेश आदि की डिटेल होती है।

इनकम टैक्स रिटर्न लेट फाइल करने के क्या नुकसान हैं?

आखिरी तारीख में रिटर्न फाइल करने की जल्दबाजी में गलती की आशंका रहती है। अतिरिक्त टैक्स का भुगतान या नोटिस का सामना करना पड़ सकता है। रिटर्न 31 जुलाई के बाद लेकिन 31 दिसंबर तक फाइल करते हैं तो टैक्स पर ब्याज के साथ एक हजार से पांच हजार तक लेट फीस देनी पड़ सकती है।

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