
सोशल मीडिया का बढ़ता खतरा, गेमिंग ऐप के चक्कर में परिवार को परेशानी में डाल रहे नौनिहाल
कोरोना के बाद ऑनलाइन स्टडी के लिए बच्चों के हाथ में एंड्राइड फोन लग गया। मोबाइल हाथ में आने से छोटी उम्र में बच्चों को सोशल मीडिया व रील का चस्का लगा और अब उसके दुष्प्रभाव सामने आने लगे हैं। गेमिंग ऐप की लत के चलते बच्चे परिवारों को परेशानी में डाल रहे हैं।
मल्टीनेशनल कंपनी के अधिकारी के बैंक खाते से करीब 2 लाख रुपए निकल गए। साइबर सेल की जांच में पता चला कि अधिकारी ड्यूटी से घर लौटते थे तो 8वीं कक्षा में पढ़ने वाला बेटा उनके मोबाइल पर गेम खेलता था। गेम मल्टीप्लेयर वाला था, जिसमें दूसरे देशों के खिलाड़ी भी थे। गेम खेलने के दौरान चैटिंग, वीडियो कॉल भी हो रहे थे। एक ठग ने उनके बेटे को गेम में जीत की ट्रिक हासिल करने का झांसा देकर एक अन्य ऐप इंस्टाल करने की लिंक भेज दी। बेटे ने लिंक डाउनलोड की तो पिता के एंड्राइड फोन का पूरा डाटा हैक हो गया और खाते से 2 लाख रुपए निकल गए। बैंक खाते में और राशि थी, लेकिन समय पर पता चलने से उसे ब्लॉक करा दिया गया, वरना और बड़ा नुकसान हो सकता था।
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जान देने मल्टी की छत पर पहुंच गया बच्चा
मोबाइल की लत से परेशान पालक बच्चों की लगातार काउंसलिंग करवा रहे हैं। काउंसलर के मुताबिक, एक मामले में कक्षा 9वीं का बच्चा गेम के चक्कर में चैलेंज पूरा करने पांच मंजिला मल्टी की छत पर चढ़ गया था। कूदने का चैलेंज था, लेकिन पड़ोसियों की नजर पड़ गई तो उन्होंने बच्चे को छत से उतारकर परिवार को सूचना दी।
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ड्रग ट्रैफिकिंग में उलझा बेटा
पलासिया इलाके के उद्योगपति परिवार ने उनके 16 साल के बेटे की काउंसलिंग कराई तो पता चला कि सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने के दौरान हैशटैग के जरिए सर्चिंग कर वह ड्रग डीलरों तक पहुंच गया। पहले सस्ते में ड्रग्स मिली और फिर ज्यादा दाम मांगने लगे। बेटे ने इसके लिए घर में चोरी की। उसे ड्रग सप्लाई करने के लिए भी तैयार किया जा रहा था। अब परिवार बेटे को निगरानी में रख रहा है।
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बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों की ट्रैकिंग जरूरी
चातक वाजपेयी, साइबर एक्सपर्ट
ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान पालकों ने बच्चों को मोबाइल दिए और अब यह परेशानी बन गया है। सोशल मीडिया पर सक्रियता की निगरानी नहीं होने से बच्चे भटक रहे हैं। गेमिंग ऐप से बैटिंग ऐप तक पहुंच जाते हैं। सोशल मीडिया के जरिए नशे के आदी हो रहे हैं। ऐसे कई मामले आए, जिसमें लत पूरी करने वे घर में चोरी करते हैं। ऐसे में पालकों को बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियोंं की ट्रैकिंग करनी चाहिए। आजकल पैरेंटल कंट्रोल ऐप उपलब्ध हैं। बच्चों के मोबाइल में इंस्टाल करने से इंटरनेट पर उनकी गतिविधि की माॅनिटरिंग की जा सकती है। बच्चे ने क्या सर्च किया, किससे बात की यह पता लगाने के साथ लोकेशन भी ट्रेस की जा सकती है। यू-ट्यूब पर रील देखने का चलन है, जो दुष्प्रभाव डालते हैं। बच्चों को यू-ट्यूब किड्स इंस्टाल करना चाहिए।
Published on:
11 Feb 2024 12:01 pm
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