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BIG BREAKING : इंडेक्स कॉलेज की एक और छात्रा ने की खुदकुशी

पढ़ाई के बढ़ते खर्च से परेशान थी शिवानी

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इंदौर

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Amit Mandloi

Aug 08, 2018

suicide

BIG BREAKING : इंडेक्स कॉलेज की एक और छात्रा ने की खुदकुशी

इंदौर. शहर में आत्महत्याओं का सिलसिला थम नहीं रहा है। आए दिन सुसाइड की घटनाएं सामने आती रहती है। इंडेक्स मेडिकल कॉलेज की एक छात्रा शिवानी उइके (19) पिता अमोद कुमार उइके ने आज दोपहर के समय खुदकुशी कर ली। न्यूयार्क सिटी में रहने वाली शिवानी बीडीएस फर्स्ट ईयर की छात्रा थी। शिवानी के पिताराजेंद्र नगर थाने में पदस्थ है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जब शिवानी ने फांसी लगाई उस वक्त घर पर कोई नहीं था। दोपहर में जब शिवानी के पिता थाने से घर लोटे तो उन्होने अपनी बेटी को आवाज लगाई। कोई जवाब नहीं आने पर कमरे में गए तो बेटी को फांसी के फंदे से लटका देख उनके होश उड़ गए। शिवानी ने एक पेज का सुसाइट नोट भी छोड़ा जिसमें पढ़ाई के बढ़ते खर्च की बात लिखी है। सुसाइड नोट के अनुसार शिवानी बढ़ते पढ़ाई खर्च से काफी परेशान थी और उसे लगता था कि उसके जाने के बाद खर्चा कम हो जाएगा और परिवार जन अच्छे से रह सकेगें। शिवानी की बड़ी बहन एमबीबीएस कर रही है। सुसाइड की सूचना पर थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ पहुंचे और मौके का मुआयना किया। कल परिजनों की अनुपस्थिति में शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा। कॉलेज प्रबंधन को लेकर परिजनों ने किसी प्रकार की टिप्पणी नहीं की है।

डेढ़ महीने पहले भी एक छात्रा ने किया था सुसाइड

गौरतलब है कि जून में भी इंडेक्स मेडिकल कॉलेज की ही एक छात्रा ने सुसाइड कर लिया था। कॉलेज की एनेस्थीसिया विभाग की फाइनल ईयर की छात्रा स्मृति पिता किशोर कुमार लाहरपुर निवासी भोपाल ने इंट्रा कैथ के जरिये एनेस्थीसिया का हाई डोज इंजेक्ट कर आत्महत्या कर ली थी। छात्रा शाम 6 बजे तक कॉलेज में ड्यूटी पर थी। ड्यूटी खत्म कर वह मरीजों को लगाने वाली इंट्रा कैथ लेकर होस्टल के कमरे में पहुंची। मोबाइल पर किसी से काफी लंबी बातचीत और चैटिंग भी की। रात करीब 1.15 बजे मौत की सूचना कॉलेज प्रबंधन को होस्टल में रहने वाले छात्रा के ही पीजी ग्रुप के साथी डॉक्टर प्रखर गुप्ता ने दी। मरने से पहले स्मृति ने 12 पेज का सुसाइड नोट भी लिखा था। मामले में पिता ने आरोप लगाया था कि कॉलेज प्रबंधन ने बेटी को फीस जमा करने के लिए 9 लाख 90 हजार रुपए का नोटिस थमाया था। इसके बाद से बेटी तनाव में रहती थी। इसीलिए उसने यह कदम उठाया। छात्रा के मोबाइल में फिंगर प्रिंट लॉक था। पुलिस ने शव के फिंगर प्रिंट की मदद से लॉक खोला था। पुलिस को कमरे से एनेस्थीसिया की कई तरह की दवाओं (इंजेक्शन) की बोतलें मिली थी। इन सभी को मिक्स कर छात्रा ने डोज लिया था।