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देश का सबसे बड़ा किन्नर मेला शुरू, डांस देखने बेकाबू हुई भीड़

राष्ट्रीय किन्नर सम्मेलन में सांस्कृतिक कार्यक्रमों को देखने के लिए उमड़े हजारों लोग  

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kinnar mela

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झाबुआ. किन्नरों ने नृत्य-गीत के साथ जलवे बिखेरे। नगर में आयोजित हो रहे राष्ट्रीय किन्नर सम्मेलन में गुरुवार की रात को राजवाड़ा परिसर में हजारों लोग उमड़े। गीत, गजल, भजनों, कव्वाली, पारंपरिक नृत्य, रिकार्ड डांस के रंगारंग कार्यक्रम को देखने के लिए हजारों की संख्या में दर्शकों ने तालियों की गडग़ड़ाहट के साथ कार्यक्रम का आनंद लिया। देशभर से 5000 के लगभग किन्नर समाज के प्रतिनिधि इस महाकुंभ में एकत्रित होकर देश की एकता एवं अखंडता के साथ ही साम्प्रदायिक सदभावना का संदेश दे रहे हैं।

किन्नर कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से लोगों का मनोरंजन किया

गुरुवार रात 8.30 बजे से किन्नर समाज के लोगों ने भजनों की प्रस्तुति देकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद ऐ मेरे नबी तू ही है सहारा कव्वाली के साथ दी प्रस्तुति ने सर्द वातावरण में भी श्रोताओं को झूमने को मजबूर कर दिया। वहीं श्रीकृष्ण के भजन सुनकर श्रोता भाव विभोर हो गए। वहीं देश के विभिन्न प्रांतों दिल्ली, पंजाब, गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, मुबई, पुणे के किन्नर कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से लोगों का मनोरंजन किया।

किन्नर समाज की गुरु सलमा जान बडऩगर एवं आयोजन प्रमुख नसीम जान रानी ने बताया कि 15 दिसम्बर तक चलने वाले अखिल भारतीय किन्नर सम्मेलन में प्रतिदिन रात में सांस्कृतिक एवं मनोरंजक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि देशभर से 5000 के लगभग किन्नर समाज के प्रतिनिधि इस महाकुंभ में एकत्रित होकर देश की एकता एवं अखंडता के साथ ही साम्प्रदायिक सदभावना का संदेश दे रहे हैं।

मामेरों का हुआ आयोजन
भारतीय परंपरा के अनुसार अखिल भारतीय किन्नर सम्मेलन के दौरान सात से अधिक मामेरों की रस्म का निर्वाह किया गया। नसीमजान एवं सलमान जान ने बताया कि किन्नर समाज में भी रिश्ते नाते होते हैं और परंपरा के अनुसार अपने रिश्तेदारों को मामेरा रस्म के तहत नई वस्त्र उपहार स्वरूप दिए जाते हैं। सम्मेलन स्थानीय पैलेस गार्डन में आयोजित किया जा रहा है।