
१० दिन पहले आ गया इंदौर, मौत की खबर सुन बिगड़ी पिता की तबीयत
इंदौर. तेजाजी नगर में सडक़ हादसे में जान गंवाने वाले युवक का शव परिजन बिहार ले गए। दस दिन पहले ही वह इंदौर आया था। यहां किसके साथ और क्यों आया यह जानकारी भी परिवार को नहीं। घटना के एक दिन पहले उसे मामा ने फोन लगाया तब उन्हें भी इंदौर में होने की जानकारी उसने नहीं दी थी। तेजाजी नगर बायपास पर मंगलवार को हुए सडक़ हादसे में आर्मी वार कॉलेज महू के सफाईकर्मी जयप्रकाश झा, पिता नुनु झा, मां सुमिता झा व चार महीने के बेटे आरव, साथी गौरव कुमार, रोशन पासवान की मौत हो गई थी। एमवाय अस्पताल में रोशन का शव रखा था। बिहार से उसके मामा राजू पासवान, मौसा किशोर पासवान गुरुवार रात इंदौर पहुंचे। शुक्रवार सुबह वे लोग तेजाजी नगर थाने पहुंचे। वहां से एमवाय अस्पताल आए। मामा राजू पासवान के अनुसार रोशन के पिता रत्नेश पासवान मजदूरी करते हैं। मां बेबी बाई उनके साथ छपरा में रहकर मजदूरी करती है। रोशन का छोटा भाई हरिओम है जो दसवीं की पढ़ाई कर रहा है। रोशन दस दिन पहले घर से निकल गया। मां बेबी बाई व मामा राजू को उसके घर से जाने की जानकारी नहीं थी। २८ अक्टूबर को मामा ने जब रोशन को फोन लगाया तो बात हुई। तब भी रोशन ने इंदौर में होने की जानकारी नहीं दी।
हादसे के बाद जब गौरव का परिवार इंदौर आया तो उन्हें रोशन की मौत की जानकारी मिली। उन्होंने फोन कर पिता व भाई को हादसे की जानकारी दी। तब रत्नेश ने उन्हें फोन किया। परिवार को लग रहा था कि रोशन घायल है और उसका इलाज चल रहा है। इंदौर पहुंचने पर जब उसकी मौत की जानकारी परिवार की दी तो पिता की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। मामा राजू के मुताबिक वे लोग जयप्रकाश को नहीं जानते। गौरव उनके घर के पास रहता है तो उसे जानते हैं। रोशन इंदौर किससे साथ और क्यों आया यह परिवार को नहीं पता। शुक्रवार को एमवाय अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के बाद परिजन शव बिहार ले गए।
Published on:
01 Nov 2019 09:09 pm
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