14 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पीडब्ल्यूडी को पुलिस ने सौंपी रिपोर्ट… अंधा मोड़ इंदौर-देपालपुर रोड को बना रहा एक्सीडेंट जोन

इंदौर-देपालपुर रोड पर तीन ब्लैक स्पॉट लगातार हो रही दुर्घटनाएं

2 min read
Google source verification
rd1

इंदौर. इंदौर-देपालपुर रोड पर तीन ब्लैक स्पॉट पर लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। एक स्थान पर अंधा मोड़ खतरनाक बन गया है। ट्रैफिक पुलिस ने निरीक्षण के बाद तकनीकी खामियों की रिपोर्ट पीडब्ल्यूडी को सौंपकर सुधार के लिए कहा है। बड़ा गणपति चौराहे पर भी जाम के कारण बदलाव कराया है।


शहर में पहले 30 ब्लैक स्पॉट थे, पर लगातार दुर्घटनाओं के कारण पांच नई जगहों को भी इसमें शामिल करने से 35 ब्लैक स्पॉट हो गए हैं। ट्रैफिक पुलिस ने लगातार दुर्घटनाओं के कारण इंदौर-देपालपुर रोड के तीन स्थानों को ब्लैक स्पॉट मानकर सुधार के प्रयास तेज कर दिए हैं। डीएसपी आरपी चौबे की टीम ने तीनों जगहों का बारीक अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार की और पीडब्ल्यूडी को दी। चौबे के मुताबिक, अफसरों से बात की जा रही है। जल्द ही सभी स्थानों पर सुधार होगा।


वर्ष 2018 में फूल कराडिय़ा के पास बड़ा एक्सीडेंट जोन बन गया है। पिछले दिनों यहां दुर्घटना में मंगतेर जोड़े की मौत हुई थी। लगातार दुर्घटनाएं होने पर जांच की तो पता चला, सिंगल लेन सडक़ पर गाड़ी तेज रहती है और अंधे मोड़ पर सामने से आ रहे वाहन के कारण दुर्घटना होती है।

राधास्वामी सत्संग के पास
तीन साल में दुर्घटनाएं 10 मृतक 4 घायल 4

सिमरन पोल्टी फॉर्म के पास

तीन साल में दुर्घटनाएं 06 मृतक 3 घायल 2 (वर्ष 2017 )

उषापुरा के पास हुई दुर्घटनाएं

तीन साल में दुर्घटनाएं 21 मृतक 7 घायल 15


यह कमियां हैं पूरी सडक़ पर
डीएसपी चौबे की रिपोर्ट में इंदौर-देपालपुर मार्ग चौड़ीकरण के लिए पीडब्ल्यूडी को कहा है। सिंगल लेन सडक़ पर रात में पता नहीं चलता है सडक़ कहां खत्म होती है और कहां मिट्टी है। यहां अंधे मोड़ की कमी दूर करने, स्पीड ब्रेकर बनाकर रोड मार्किंग के साथ ही किनारे पर रेडियम लगाने के लिए कहा है।


बड़ा गणपति चौराहे पर बदलाव
ट्रैफिक पुलिस की टीम ने नगर निगम के साथ मिलकर बड़ा गणपति चौराहे पर बदलाव कराया है। डीएसपी चौबे के मुताबिक, शाम को यहां ट्रैफिक जाम की स्थिति बन जाती है। आइलैंड छोटा कराया है, ताकि लेफ्ट टर्न से वाहन आसानी से निकल सकें। आसपास वाहन भी खड़े नहीं होने दिया जा रहा है।