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इंदौर के वकील हाई कोर्ट का समय बढ़ाने के खिलाफ

- विशेष साधारण सभा में सिर्फ 6 सदस्य समय बढ़ाने के पक्ष में, अधिकांश असहमत - फुल कोर्ट ने सुबह 10 से शाम पांच बजे तक कोर्ट का समय करने का दिया है प्रस्ताव  

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इंदौर के वकील हाई कोर्ट का समय बढ़ाने के खिलाफ

इंदौर के वकील हाई कोर्ट का समय बढ़ाने के खिलाफ

इंदौर. हाई कोर्ट में लगातार बढ़ रही केसों की पेंडेंसी कम करने के मकसद से प्रदेश की तीनों हाई कोर्ट का समय सुबह 10 से शाम 5 बजे तक करने के प्रस्ताव को इंदौर के वकीलों का समर्थन नहीं मिला है। इस प्रस्ताव को लेकर मंगलावर को आयोजित हुई विशेष साधारण सभा में मौजूद दर्जनों वकीलों में से महज 6 ने समय बढ़ाने का समर्थन किया है। अधिकांश वकीलों ने कोर्ट का समय बढ़ाने के बजाए खाली पड़ी सीटों को भरने सहित अन्य व्यवस्थाएं सुधारने की पैरवी की है। दोपहर में करीब 1.30 घंटे तक चली विशेष साधारण सभा में वकीलों के विचारों के आधार पर रिपोर्ट बनाकर जबलपुर मुख्य पीठ को भेजा जाएगा। सचिव गौरव श्रीवास्तव ने बताया, अधिकांश वकीलों का कहना है इंदौर हाई कोर्ट में जजों की 13 सीट हैं, लेकिन यहां लम्बे समय से 7 जज ही सुनवाई कर रह रहे हैं। करीब आधी सीटों पर जज नहीं होने से पेंडेंसी बढ़ रही है। वकीलों का कहना है हाई कोर्ट में निचली अदालत के फैसलों की अपीलें होना चाहिए, लेकिन यहां अधिकांशत: सिर्फ जमानत से जुड़ी याचिकाएं लग रही हैं और पेंडेंसी बढ़ रही हैं। सात साल से कम की सजा वाले केसों में गिरफ्तारी नहीं करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक ने आदेश दिए हैं, लेकिन निचली अदालतें ऐसे केसों में गिरफ्तारी के बाद भी जमानत नहीं दे रही हैं और केस यहां आ रहे हैं। श्रीवास्तव ने बताया, एजीएम में मौजूद अतिरिक्त महाधिवक्ता पुष्यमित्र भार्गव, विभोर खंडेलवाल, मेहुल शुक्ला और अतुल जायसवाल सहित कुल 6 वकीलों ने कोर्ट का समय 10 से 5 करने का समर्थन किया है। जबकि सीनियर एडवोकेट विनय सराफ, वीके जैन, सुनील जैन, मनीष यादव, पूर्व अध्यक्ष अनिल ओझा सहित अन्य ने समय बढ़ाने का विरोध किया। अभी कोर्ट में 10.30 से 4.30 के बीच सुनवाई करती है, इसमें 1.30 से 2.30 के बीच लंच होता है। बैठक की अध्यक्षता सूरज शर्मा ने की। कार्यकारिणी के बाकी सदस्य सहित बड़ी संख्या में वकील मौजूद थे।