
इंदौर में ऐसे 237 स्थानों पर सावधानी रखें महिलाएं, यहां मनचले सबसे ज्यादा
भूपेन्द्र सिंह, इंदौर.
देवी अहिल्या की नगरी इंदौर के लिए शर्मनाक स्थिति है कि यहां महिलाओं के साथ दुव्र्यवहार वाले स्थानों की तादाद 237 है। ये स्थान महिलाओं के साथ छेड़छाड़, रेप, अपहरण जैसी घटनाओं के मामले में हॉटस्पॉट बने हुए हैं। यह खुलासा महिला बाल विकास विभाग और पुलिस द्वारा केंद्र सरकार को भेजी गई जानकारी में हुआ है। हीरा नगर और विजय नगर थाना क्षेत्र में महिलाओं से बदसलूकी सबसे ज्यादा होती है।
ऐसे पता चले हॉटस्पॉट
केंद्र सरकार के महिला बाल विकास विभाग ने सेफसिटी कार्यक्रम चलाया है। इसके तहत महिला अपराधों को चिन्हित कर कम करने की दिशा में काम होना है। प्रदेश में भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, छतरपुर, छिंदवाड़ा और इंदौर को पायलट प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है। महिला अपराध कम करने के लिए पुलिस और महिला बाल विकास विभाग को मिलकर काम करना है। दोनों विभागों ने अपने-अपने स्तर पर 237 हॉटस्पॉट चिन्हित किए हैं।
महिलाओं के लिए खतरनाक इलाकों की ऐसे की तलाश
पुलिस
एफआइआर, मौखिक और आवेदनों से मिली जानकारी के आधार पर 137 स्पॉट चिन्हित किए हैं।
इस जानकारी के आधार पर थाना स्तर पर अलग-अलग जगहों को ढूंढा गया।
महिला बाल विकास विभाग
वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक वंचना परिहार को नोडल अधिकारी बनाकर 100 स्पॉट तलाशे।
इसके लिए शौर्या दल, एनजीओ ने महिलाओं से बात कर सर्वे रिपोर्ट तैयार की।
ये कारण आए सामने
शाम के समय कई जगह अंधेरा होना
शराब-पान दुकानों पर नशेडिय़ों का जमावड़ा
सीसीटीवी कैमरों की कमी
जागरूकता नहीं होना
महिलाओं में डर होना और अधिकारों की जानकारी कम होना
इन थानों में सबसे ज्यादा हॉटस्पॉट
थाना हीरानगर : 27
थाना विजय नगर : 22
थाना छत्रीपुरा : 8
थाना संयोगितागंज : 8
थाना लसुडिय़ा : 6
थाना जूनी इंदौर : 6
हॉटस्पॉट पर कर रहे काम
हॉटस्पॉट समाप्त करने पर काम चल रहा है। संबंधित थानों द्वारा पेट्रोलिंग, लाइट की व्यवस्था कराना आदि काम कर रहे हैं। स्कूल-कॉलेज के आसपास छेड़छाड़ ज्यादा होती है, ऐसी जगह महिला पुलिस सक्रिय है। पुलिस की महिला डेस्क और महिला बाल विकास विभाग जागरूकता कार्यक्रम चलाती है।
मनीषा पाठक सोनी, एडिशनल एसीपी
बहुत हद तक मिली सफलता
केंद्र सरकार के निर्देश पर सेफसिटी कार्यक्रम चलाया जा रहा है। हॉटस्पॉट चिन्हित करने के साथ विभाग उनमें कमी लाने के लिए काम कर रहा है। बहुत हद तक सफलता मिल रही है। रोजाना शौर्यादल, एनजीओ और अधिकारी फील्ड में महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने के लिए काम कर रहे हैं।
डॉ. वंचना परिहार, नोडल अधिकारी, सेफसिटी कार्यक्रम, महिला बाल विकास विभाग
Published on:
05 Feb 2022 05:05 pm
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