इंदौर

शहर की आबोहवा सुधारने उद्योग जगत आगे आया

- रेडिमेड कॉम्प्लेक्स और कन्फेक्शनरी से जुड़े उद्योग करेंगे सीएनजी का इस्तेमाल - बॉयलर चलाने के लिए लकड़ी और कोयले का उपयोग करेंगे बंद

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Dec 07, 2021
शहर की आबोहवा सुधारने उद्योग जगत आगे आया

इंदौर. स्वच्छता में लगातार पांच साल देश में नंबर वन आने के बाद अब शहर की आबोहवा को शुद्ध करने के प्रयास शुरू हो गए हैं। शहर को प्रदूषण मुक्त करने के लिए प्रशासन के साथ ही अलग-अलग क्षेत्रों में भी लोग और संगठन आगे आ रहे हैं। इसी कड़ी में रेडिमेड कॉम्प्लेक्स के साथ ही पालदा में चलने वाले रेडिमेड और कन्फेक्शनरी उद्योगों ने ईधन के रूप में कोयला और लकड़ी के बजाए अब सीएनजी का उपयोग करने का निर्णय लिया है। जल्द ही ये उद्योग अपने प्लांट में सीएनजी के इस्तेमाल से जुड़ी जरूरी व्यवस्थाएं करेंगे। जिला प्रशासन के साथ हुई बैठक में दोनों औद्योगिक क्षेत्रों के संगठनों ने इसकी सहमति दी है। इससे पहले रोलिंग मिल एसोसिएशन भी अपने प्लांट में सीएनजी के प्रयोग को बढ़ाने का आश्वासन दे चुका है।पालदा से जुड़े कुछ उद्योगपतियों ने सीएनजी का उपयोग शुरू भी कर दिया था। उन्होंने बैठक में अपने अनुभव भी साझा किए हैं। उन्होंने बताया, सीएनजी के प्रयोग से प्रदूषण में कमी के साथ ही कम स्थान में ही काम हो जाता है। उन्होंने बताया, फैक्ट्री का बॉयलर संचालित करने में पहले 4 से 5 हजार वर्ग फीट जगह लगती थी, लेकिन अब 500 वर्ग फीट में ही काम हो जाता है। एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज मप्र (एआइएमपी) के बैनर तले हुई बैठक में कन्फेक्शनरी एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश चौधरी ने कहा, शहर में अलग-अलग क्षेत्रों में कन्फेक्शनरी के प्लांट हैं, अधिकांश उद्योगपति हमारे सदस्य हैं, सभी ईधन के रूप में सीएनजी का उपयोग शुरू करेंगे। शहर की आबोहवा को बेहतर करने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे। कन्फेक्शनरी एसोसिएशन के अध्यक्ष वासुदेवन का कहना है, कोयले और लकड़ी के बजाए सीएनजी के इस्तेमाल से उत्पाद की क्वालिटी में भी सुधार होगा। बैठक में एआइएमपी के अध्यक्ष प्रमोद डफरिया, योगेश मेहता सहित अन्य मौजूद थे।

Published on:
07 Dec 2021 02:45 pm
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