
JABARIYA JODI MOVIE : सिद्धार्थ ने मांगी छोले टिकिया तो परिणीती ने खाया पोहा, बोले- इंदौर का टेस्ट तो गजब है यार, देखें VIDEO
इंदौर. मैंने अपनी पूरी जिंदगी को इसी तरह देखा है कि कुछ तेरी मर्जी होगी, कुछ ईश्वर की मर्जी होगी। जो ईश्वर की मर्जी होगी वो आपको सही रास्ता दिखाएंगी। मैं 17 साल की उम्र में इंग्लैंड बिजनेस,एंड इकॉनोमिक्स की पढ़ाई करने के लिए गई थी। इंवेस्टमेंट बैंकर बनना मेरी ख्वाहिश थी लेकिन वहां मंदी के कारण मुझे जॉब नहीं मिली तो इंडिया आ गई। एक साल मैंने यशराज फिल्म्स की मार्केटिंग टीम में काम करना शुरु किया तब मुझे लोगों ने कहा, कि एक्टिंग में ट्राय करो और ऑडिशन दिया तो लेडिज वर्सेज रिक्की बहल में पहला मौका मिला। वहां मुझे समझ आया कि यही मेरी मंजिल है।
ये बात पत्रिका से विशेष बातचीत में अभिनेत्री परिणीती चोपड़ा (parineeti chopra ) ने पत्रिका से बातचीत में कही। वे एक्टर सिद्धार्थ मल्होत्रा ( siddharth malhotra ) के साथ फिल्म ‘जबरिया जोड़ी’ ( jabariya jodi ) के प्रमोशन के लिए इंदौर आई थी। उन्होंने कहा, मैंने सोच लिया था अगर मेरी पहली फिल्म सफल नहीं हुई तो मैं फिर अपनी फील्ड में वापिस लौट जाऊंगी।
फिल्म के प्रमोशन को लेकर सिद्धार्थ और परिणीती 56 दुकान पहुंचे तो फैंस की अलग ही दीवानगी देखने को मिली। लोगों ने सेल्फी क्लिक करवाने की कोशिश की। मधुरम स्वीट्स पर उन्होंने पोहा, छोले टिकिया, शाही रसमलाई और काजू सैंडविच का मजा लिया। परिणीती ने मिल्क केक की डिमांड की तो सिद्धार्थ ने बालुशाही को देखकर पूछा कि ये क्या है? सभी चीजों का स्वाद लेने के बाद वे बोले कि इंदौर में खाने का टेस्ट तो गजब है। शॉप के ऑनर श्याम सुंदर शर्मा ने बताया कि परिणीती को छोले टिकिया काफी पसंद आई। वे अपने साथ उपहार के रुप में ड्रायफ्रुट की मिठाई और इंदौरी नमकीन साथ लेकर गए। इसके अलावा सी-21 मॉल में भी फैंस से रूबरू हुए। जब मॉल में ऊपर से फिल्म की टी-शर्ट फैंकी और बुके फेंके तो फैंस उसे लेने के लिए बेताब हो गए।
बचपन की यादों में बसा है इंदौर
सिद्धार्थ ने बताया, जब दिल्ली में कॉलेज में पढ़ता था तो मेरे लुक की काफी तारीफ होती थी तो मॉडलिंग करना स्टार्ट किया। उस वक्त मेरा मकसद सिर्फ कॉलेज खर्च के लिए पैसा जुटाना था। उसके बाद एक दोस्त ने सलाह दी तो मुबंई में असिस्टेंट डायरेक्टर के रुप में फिल्म माय नेम इज खान में काम करना शुरू किया। वहां से मुझे प्री-प्रोडक्शन, पोस्ट प्रोडक्शन जैसी चीज सीखने को मिली। जब मॉडलिंग में कदम रखा था तो कभी सोचा नहीं था कि फिल्में ही मेरी आखिरी मंजिल होगी। उन्होंने बताया, मैं फिल्म प्रमोशन के लिए इंदौर कई बार आया हूं लेकिन मेरी बचपन की यादों में भी इंदौर बसा हुआ है। मेरी आंटी यशवंत निवास रोड़ पर रहती थी। ये लगभग २० साल पहले कि बात है तब हम ट्रेन से आया करते थे। तब सडक़े इतनी साफ-सुथरी नहीं हुआ करती थी और न ही इतना डवलपमेंट हुआ था।
कई दिन सोफे पर सोया, एक्टर बताया तो मकान नहीं मिला
सिद्धार्थ बताते है, जब मैं शुरुआत में मुंबई गया तो वहां जिससे भी ये कहां कि एक्टर बनने आया हूं तो लोगों ने मकान किराये से देने के लिए मना कर दिया था। मैंने शुरुआत में कई दिन एडिटिंग रुम के सोफे पर गुजार दिया था। जब फिल्मी सफर में उतार-चढ़ाव आते है तो उन दिनों को याद कर लेता हूं तो महसूस होता है कि ये वक्त काफी बेहतर है। परिणीती बताती है कि मुंबई आने के एक साल तक बहन प्रियंका के साथ रही। जब पहली जॉब लगी तब अलग रहने का सोचा जब बताती कि फिल्म इंडस्ट्री में जॉब करती हूं लोग घर देने से मना कर देते थे। इतना ही जब पहली फिल्म के बाद एक एक्ट्रेस के रुप में पहचान बना चुकी थी तब भी मुझे आसानी से घर नहीं मिला था।
3 साल की उम्र में शुरू किया गाना
परिणीती बताती है कि हमारी फैमिली में प्रियंका और मेरे फादर ने मिलकर एक ग्रुप बना रखा था चोपड़ा ब्रदर्स। वे इस नाम से परफॉर्मेंस भी दिया करते थे। घर में म्यूजिक को लेकर एक अलग तरह का माहौल था। पापा और अंकल के साथ तीन साल की उम्र से गाना शुरु किया तब उन्हे लगा इसे म्यूजिक सिखाना चाहिए। मैंने शास्त्रीय संगीत सीखा और म्यूजिक में बीए ऑनर्स किया। इस साल से म्यूजिक पर भी काम करना शुरु करूंगी।
Published on:
31 Jul 2019 12:37 pm
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