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VIDEO : जीतू सोनी का शांति कुंज बंगला डेढ़ घंटे में जमींदोज, यहां रुकती थी मुंबई की सोनिया

जीतू सोनी की सोनिया का बंगला ध्वस्त 3 हजार वर्गफीट जमीन पर कब्जा कर बना रखा था बंगला

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इंदौर

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Reena Sharma

Dec 09, 2019

VIDEO : जीतू सोनी का शांति कुंज बंगला डेढ़ घंटे में जमींदोज, यहां रुकती थी मुंबई की सोनिया

VIDEO : जीतू सोनी का शांति कुंज बंगला डेढ़ घंटे में जमींदोज, यहां रुकती थी मुंबई की सोनिया

इंदौर. मानव तस्करी सहित तीन दर्जन मामलों में फरार जितेंद्र उर्फ जीतू सोनी के शांति कुंज स्थित जिस बंगले में मुंबई की महिला मित्र सोनिया ठहरती थी, उसे आज जमींदोज कर दिया गया। बगीचे की जमीन पर कब्जा कर बनाए गए घर को महज डेढ़ घंटे में मलबे के ढेर में बदल दिया।

रेडिसन होटल के सामने स्कीम-94 से लगी शांति कुंज में आज निगम, जिला प्रशासन और पुलिस ने मिलकर अवैध तरीके से बनाए गए जी प्लस वन के बंगले को तोडऩे की कार्रवाई की। यह बंगला जीतू का था। इस बंगले में उसकी मित्र सोनिया ठहरती थी, जो मुंबई में रहती है। हर महीने 6 से 7 दिन सोनिया यहां जीतू के साथ रहती थी। उसकी सुरक्षा में लगने वाले बाउंसर यहां के रहवासियों के साथ दुव्र्यवहार करते थे। इस कारण महिलाओं ने तो अपने घर से निकलना तक बंद कर दिया था। शांति कुंज में बगीचे की जमीन पर कब्जा कर जीतू ने मकान बनाकर अपने हिसाब से बगैर नक्शे के 32, शांति कुंज का पता भी दे दिया, जबकि कॉलोनी में इस नंबर का प्लॉट स्वीकृत नहीं है। कॉलोनी में 32, शांतिकुंज के नाम से किसी तरह के निर्माण की स्वीकृति के दस्तावेज निगम में नहीं है। यहां रो हाउस की अनुमति हुई थी। इसके अलावा अलग से किसी अनुमति के दस्तावेज निगम के पास नहीं है।

निगम ने जीतू के नाम से पहले 1 दिसंबर, फिर 6 दिसंबर को नोटिस जारी किया, लेकिन बंगले को लेकर किसी ने दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए। इस पर आज सुबह 6 बजे निगम का रिमूवल अमला बंगले को तोडऩे के लिए पहुंच गया। इस दौरान अपर आयुक्त रजनीश कसेरा, रिमूवल उपायुक्त महेंद्र सिंह चौहान, क्षेत्रिय बिल्डिंग अफसर जीएस गुंडिया, इंस्पेक्टर अवधेश जैन और सहायक रिमूवल अधिकारी वीरेंद्र उपाध्याय आदि मौजूद थे। जिला प्रशासन और पुलिस के अफसरों के आने के बाद सुबह 7 बजे बंगले को तोडऩे की कार्रवाई शुरू की गई, जो कि 8.30 बजे तक चली। तोडफ़ोड़ की कार्रवाई से पहले ही बंगला खाली हो चुका था।

पोकलेन और जेसीबी की मदद से इसे ढहा दिया गया। कार्रवाई से पहले आने-जाने के रास्ते को बंद करने के साथ बिजली कनेक्शन काट दिए गए थे। बंगला 3 हजार वर्गफीट जमीन पर कब्जा कर बनाया गया था। निगम अफसरों के अनुसार 1500 वर्गफीट पर जी प्लस वन का बंगला बनाया था और 1500 वर्गफीट का एरिया ओपन छोड़ रखा था। कार्रवाई देखने के लिए लोगों की भीड़ भी जमा हो गई थी, जिसे पुलिस को बार-बार हटाना पड़ा।

रहवासी हुए खुश, चाय पिलाई
कार्रवाई करने पहुंचे कर्मचारियों के साथ अफसरों और पुलिसवालों को रहवासियों ने चाय पिलाई। इस अवैध मकान के टूटने और जीतू के बाउंसरों का आंतक खत्म होने की खुशी रहवासियों में साफ नजर आ रही थी। वे लंबे समय से इनके खिलाफ लड़ाई लड़ रहे थे।

पुलिसकर्मी नहीं बचेंगे
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस ने जीतू की कॉल डिटेल निकाली है। तफ्तीश की जा रही है कि जीतू को किन- किन पुलिस अधिकारियों का संरक्षण था। किन-किन से उसकी बातें होती थीं। यह भी जांच चल रही है कि अब तक जीतू के खिलाफ थानों पर शिकायतें मिलने पर किन अधिकारियों के कहने पर टीआई ने कार्रवाई नहीं की। सूची तैयार हो रही है। एडीजी वरुण कपूर के बाद अब अन्य अफसरों पर कार्रवाई हो सकती है।