विधानसभा चुनाव : मध्य प्रदेश के सभी जिलों में पदाधिकारियों से करेंगे बात, कार्यक्रम में गरिमा और अनुशासन बनाए रखने का फरमान जारी
इंदौर. इस वर्ष विधानसभा चुनाव होना हैं। कांग्रेस इसकी तैयारी करते हुए संगठन और बूथ की मजबूती पर जोर दे रही है। इसके साथ ही आने वाले दिनों में पूरे मध्य प्रदेश में जिलेवार दौरा प्रदेशाध्यक्ष कमल नाथ करेंगे। इसके लिए भोपाल से एक फरमान समस्त पदाधिकारियों को जारी किया गया है। इसमें नाथ के आने पर कार्यक्रम में गरिमा और अनुशासन बनाए रखने की बात कही गई है। प्रदेश के सभी जिलों में नाथ पदाधिकारियों से बात कर चुनावी रणनीति समझने के साथ संगठन मजबूती को लेकर चर्चा करेंगे।
वर्ष-2018 में हुए विधानसभा चुनाव में 15 वर्ष विपक्ष में बैठकर संघर्ष करने वाली कांग्रेस ने जैसे-तैसे करके मध्य प्रदेश में सरकार बनाई और मुख्यमंत्री कमल नाथ को बनाया। महज 15 माह में ही कांग्रेस की सरकार गिर गई और नाथ पूर्व मुख्यमंत्री हो गए। कारण कांग्रेस के कद्दावर नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित उनके समर्थक विधायकों का पार्टी छोडक़र भाजपा में शामिल हो जाना है। इस वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस फिर से सत्ता हासिल करने का सपना देख रही है। इसके चलते कांग्रेस अपने कमजोर बूथ मैनेजमेंट और संगठन को मजबूत करने का प्रयास कर रही है। कमान प्रदेशाध्यक्ष नाथ ने संभाल रखी है, जो कि आने वाले दिनों में प्रदेश के 52 जिलों में संगठनात्मक दौरा करेंगे। इसकी रूपरेखा मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी बना रही है, जो जल्द ही नाथ का जिलेवार कार्यक्रम घोषित करेगी।
इधर, नाथ के जिलेवार दौरे से पहले उपाध्यक्ष संगठन प्रभारी राजीव सिंह ने एक फरमान जारी किया है। ब्लॉक, मंडलम् अध्यक्ष, सेक्टर प्रभारी, विभाग व प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष और जिला समन्वय समिति के सदस्यों को यह फरमान जारी किया गया है। इन्हें नाथ के जिलेवार दौरे के समय कार्यक्रम की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। कार्यक्रम में गरिमा और अनुशासन बनाए रखने की सख्त हिदायत इन पदाधिकारियों को दी गई है। चुनाव के मद्देनजर नाथ समस्त पदाधिकारियों से बात करेंगे।
इसके लिए मंच पर जिला प्रभारी, सह प्रभारी, विधायक, पूर्व विधायक, सांसद, पूर्व सांसद, प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष, महामंत्री, जिले से कोई विभाग व प्रकोष्ठ या फिर मोर्चा संगठन का प्रदेश अध्यक्ष. निर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष, नगर निगम में महापौर एवं नेता प्रतिपक्ष, नगर पालिक अध्यक्ष, मोर्चा संगठन अध्यक्ष को उचित स्थान देने को कहा गया है। गौरतलब है कि संगठनात्मक रूप से कांग्रेस बहुत ही कमजोर है। इंदौर, भोपाल और खरगोन में जहां अध्यक्ष की कुर्सी खाली पडी़ है, वहीं कांग्रेस से जुड़े मोर्चा संगठन भी ज्यादा सक्रिय नहीं है। ऐसे में कांग्रेस विधानसभा चुनाव कैसे दमदारी से लड़ेगी। प्रदेशाध्यक्ष नाथ के जिलेवार दौरे का चुनाव पर क्या असर होगा। यह तो वक्त आने पर ही पता चलेगा।