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कान्ह नदी को दूषित करने वालों की होगी जांच

कलेक्टर ने बनाई कमेटी, बंद कराएंगे दूषित पानी फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयां

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कान्ह नदी

कान्ह नदी

इंदौर. कान्ह नदी के शिप्रा में मिलने वाले पानी के प्रदूषित होने की जानकारी सामने आने के साथ ही जिला प्रशासन इसको लेकर एक्शन मोड में आ गया है। प्रशासन ने 6 अफसरों की एक कमेटी बनाई है जो कि अगले 10 दिनों में कान्ह नदी के इंदौर जिले में आने वाले हिस्सों की जांच करेगी और ये पता लगाएगी कि इसमें कहां पर प्रदूषित पानी मिल रहा है। कमेटी को 10 दिनों में अपनी रिपोर्ट देना होगी।
कान्ह नदी के शुद्धिकरण के लिए नगर निगम ने अमृत परियोजना, जेएनएनयूआरएम से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट नदी किनारे बनाए हैं। साथ ही नदी में मिलने वाले सीवरेज के गंदे पानी को भी नगर निगम ने प्रायमरी लाइनों के जरिए एसटीपी तक लेजाकर उसे साफ किया जा रहा है। यही साफ पानी दोबारा कान्ह नदी में छोड़ा जाता है। नगर निगम सीमा में नदी के पानी की स्थिति ठीक रहने के बाद में भी आगे के हिस्से में नदी का पानी दूषित हो रहा है। शिप्रा में जिस जगह पर कान्ह नदी का पानी मिलता है वहां पर इसमें बीओडी और सीओडी की मात्रा ज्यादा आ रहा है। इसलिए जिला प्रशासन ने कान्ह के पानी के दूषित होने के स्थान ढूंढने का निर्णय लिया है। कान्ह के नगर निगम सीमा से बाहर निकलने के बाद इसमें मिलने वाले कुम्हेडी नाला, मांगलिया नाले का पानी तो मिलता है। वहीं अंदेशा जताया जा रहा है कि इनके साथ और अन्य जगह से भी ग्रामीण क्षेत्रों में चलने वाली फैक्ट्रियों का प्रदूषित पानी नदी में छोड़ा जा रहा है। इन सभी को पकडऩे के लिए ये कमेटी बनाई गई है। ये नदी कान्ह के अलावा अन्य नालों के विभिन्न स्थानों पर पानी की सेम्पलिंग कर गुणवत्ता जांच कराएगी। साथ ही इंदौर जिले की सीमा में घूमकर ये भी देखेगी की प्रदूषित पानी कहां से आ रहा है। इस कमेटी को अगले 10 दिनों में अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करना होगा।
अपर कलेक्टर होंगे अध्यक्ष
कलेक्टर द्वारा गठित की गई इस कमेटी का अध्यक्ष अपर कलेक्टर पवन जैन को बनाया गया है। उनके अलावा प्रदूषण निवारण मंडल के वैज्ञानिक संजय जैन, महाप्रबंधक उद्योग अजय चौहान, कार्यपालन यंत्री जल संसाधन मुकेश चतुर्वेदी, सहायक यंत्री नगर निगम आरएस देवड़ा तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत इंदौर एवं सांवेर को समिति का सदस्य बनाया गया है।
बंद करेंगे फैक्ट्रियां
जांच कमेटी के अध्यक्ष अपर कलेक्टर पवन जैन को अधिकार दिए गए हैं कि वे जांच के दौरान जिन फैक्टियों का गंदा पानी कान्ह में मिलता हुए पाएं। उन पर धारा 144 क प्रयोग करते हुए पंचनामा बनाते हुए उन्हें बंद करवाएं।