कविता रैना हत्याकांड में जिला कोर्ट के खिलाफ हाईकोर्ट जाएगी सरकार
इंदौर. कविता रैना हत्याकांड में सरकार ने जिला कोर्ट के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाने का निर्णय कर लिया है। शासन की ओर से पैरवी करने वाले अतिरिक्त लोक अभियोजक निर्मल कुमार मंडलोई ने कहा है कि जिला कोर्ट का फैसला रद्द करने के लिए अगले सप्ताह हाई कोर्ट में याचिका दायर की जाएगी।
याचिका दायर करने से पहले विधि विभाग से अनुमति लेने के लिए कलेक्टर को अभियोजन कार्यालय द्वारा अपील पत्र मंगलवार तक भेजा जाएगा।
गौरतलब है कि जिला अदालत ने शुक्रवार को सुनाए फैसले में कविता रैना की हत्या के आरोपी महेश बैरागी को बरी कर दिया। इसके बाद कविता के पति संजय रैना भी फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती देने के लिए तैयारी कर रहे हैं।
सीबीआई जांच की मांग
वहीं दूसरी ओर बचाव पक्ष के वकील का कहना है असली अपराधी को सामने लाने के लिए केस की फाइल दोबारा खोल कर निष्पक्ष एजेंसी या सीबीआई से जांच कराई जाए।
108 दिन तक चली जांच के बाद पुलिस पहुंची थी महेश बैरागी तक
कविता रैना हत्याकांड में 108 दिन तक चली जांच के बाद आरोपी महेश बैरागी को गिरफ्तार करने वाली पुलिस कोर्ट में उसकी भूमिका साबित करने में नाकाम रही।
पुलिस को महेश पर शंका तो कविता की हत्या के बाद काफी समय से थी। इस दौरान अन्य क्राइम थ्योरी के कारण पुलिस टीम कविता रैना के मायके में 18 दिन डेरा डाले रही, उनके एक रिश्तेदार को नजरबंद कर पूछताछ की, पर कुछ हाथ नहीं लगा। इसके बाद महेश की गिरफ्तारी की गई।
मामला थाना भंवरकुआं में दर्ज हुआ था, लेकिन पूरी जांच क्राइम ब्रांच के इर्द-गिर्द ही घूम रही थी। तत्कालीन डीआइजी संतोषकुमार सिंह के निर्देशन में तत्कालीन एएसपी विनयप्रकाश पॉल के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच टीम जांच में जुटी थी।
कविता के मित्रबंंधु नगर स्थित निवास व आसपास के इलाके का कोई ऐसा घर नहीं था, जहां क्राइम ब्रांच ने दस्तक न दी हो। कई पड़ोसियों को लगातार घंटों थाने में बैठाकर रखा गया, जिसका लोगों ने जमकर विरोध भी किया था।