21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कविता रैना हत्याकांड : फैसला सुनते ही परिजन की चित्कार से गूंज उठा कोर्ट, हाथ जोड़कर रोती रही आरोपी की पत्नी

कविता रैना हत्याकांड : फैसला सुनते ही परिजन की चित्कार से गूंज उठा कोर्ट, हाथ जोड़कर रोती रही आरोपी की पत्नी  

2 min read
Google source verification
kavita raina murder mystery court room scene

कविता रैना हत्याकांड : फैसला सुनते ही परिजन की चित्कार से गूंज उठा कोर्ट, हाथ जोड़कर रोती रही आरोपी की पत्नी

इंदौर. शहर के सबसे जघन्य अपराध कविता रैना हत्याकांड में शुक्रवार को कोर्ट ने आरोपी को दोषमुक्त कर दिया। कोर्ट के इस फैसले के बाद एक बार फिर यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि आखिर कविता का हत्यारा कौन है। कविता के शरीर को 6 टुकड़ों में काटकर उन्हें बोरे में भरकर एक नाले में फेंक दिया गया था।

पुलिस ने इस मामले में महेश बैरागी को गिरफ्तार करके आरोपी बनाया लेकिन विशेष न्यायाधीश बीके द्विवेदी की अदालत ने आज महेश को दोषमुक्त कर दिया। कोर्ट ने कहा कि महेश के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं मिले हैं इसलिए उसे बरी किया जाता है। अब इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की जा सकेगी।

फैसला सुनकर चित्कार कर उठे परिजन
कविता को इंसाफ दिलाने के लिए लड़ाई लड़ रहे परिजन फैसला सुनते ही रो पड़े। उन्होंने आरोप लगाया कि कानून बिक गया है। वे कहते रहे कि पुलिस ने सही कार्रवाई की और आरोपी को गिरफ्तार किया लेकिन अब वह छूट गया।

फूट फूटकर रोया आरोपी
फैसला सुनने के बाद आरोपी फूट फूटकर रोने लगा। जैसे ही कोर्ट ने फैसला सुनाया महेश और उसकी पत्नी दोनों ही रो पड़े। महेश की पत्नी कोर्ट में सबके सामने हाथ जोड़कर रोती रही। इसके बाद पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के बीच आरोपी को कोर्ट से बाहर निकाला।

इस वजह बरी हुआ महेश
अभियोजन पक्ष कोर्ट में आरोपों की कडिय़ां आपस में जोड़ नहीं पाया। अभियोजन पक्ष ने महेश पर जो भी आरोप लगाए उन्हें तथ्य और सबूतों के साथ स्थापित नहीं कर पाया। पुलिस ने लंबी जांच पड़ताल के बाद मार्च 2016 में चार्जशीट पेश की थी।

उसके बाद शासन की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक निर्मलकुमार मंडलोई एवं उनके सहयोगी एडवोकेट राकेश पालीवाल ने ट्रायल प्रोग्राम पेश किया। दो साल तक चली ट्रायल में 41 गवाहों के कथन हुए। अभियोजन पक्ष ने अदालत से कहा कि गवाहों के कथन से अपराध साबित होता है और अपराधी को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। हालांकि कोर्ट ने सभी चीजों का विश्लेषण करने के बाद पाया कि आरोपी का इस केस में कोई अपराध साबित नहीं होता है।

बचाव पक्ष ने कहा आरोपी को फंसाया गया
केस के दौरान बचाव पक्ष की ओर से सीनियर एडवोकेट चंपालाल यादव ने लगातार यह कहा कि आरोपी को फंसाया गया है। चंपालाल ने कहा कि कुछ लोगों को बचाने के लिए एक निर्दोष को फंसाया जा रहा है। उन्होंने केस के दौरान गवाहों से अत्यंत बारीकी से सवाल किए और अदालत से कहा कि आरोपी को झूठा फंसाया गया है, इसलिए उसे दोषमुक्त किया जाए।

पुलिस पर झूठे सबूत पेश करने के आरोप
आरोपी के वकील ने कहा कि पुलिस ने कुछ लोगों को बचाने के लिए झूठे सबूत पेश किए। उन्होंने कहा कि हम सही अपराधी को पकडऩे के लिए भी लड़ाई लड़ेंगे। वकील ने मांग की है कि इस केस की सीबीआई जांच कराई जाए ताकि सही अपराधी गिरफ्त में आए।