
गणेश विसर्जन में न पहनें काले कपड़े, जानिए किन-किन बातों का रखना होता है ख्याल
इंदौर. भगवान गणेश जल तत्व के अधिपति हैं और यही कारण है कि अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान गणपति की पूजा-अर्चना कर गणपति-प्रतिमा का विसर्जन किया जाता है। बप्पा का विसर्जन करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना भी बहुत जरूरी है, अन्यथा दस दिनों की पूजा का फल नहीं मिलेगा। विसर्जन से पहले भगवान गणेश की आरती की जाती है। तिलक लगाकर, फल और मोदक चढ़ाकर मंत्रो का उच्चारण करते हैं। इसके बाद भगवान को चढ़ाया गए फल और मिठाई को लोगों को बांटा जाता है।
विसर्जन में इन बातों का ध्यान रखें
- विसर्जन करने से पहले विधिवत पूजा-अर्चना करने के बाद भगवान को विशेष प्रसाद का भोग लगाएं और श्री गणेश जी का ध्यान करें।
- एक साफ चौकी लें और उसे गंगाजल या गौमूत्र से साफ करके उस पर स्वास्तिक बनाएं। अब उस पर अक्षत रख साफ पीला, गुलाबी या लाल कपड़ा बिछाएं।
- चौकी के चारों ओर सुपारी रखें और कपड़े के ऊपर फूलों की पत्तियां भी डाल दें।
- अब श्री गणेश को उनके जयघोष के साथ स्थापना वाले स्थान से उठाएं और तैयार चौकी पर विराजित करें। पाटे पर विराजित करने के बाद उनके साथ फल, फूल, वस्त्र, दक्षिणा और 5 मोदक भी रख दें।
- नदी, तालाब या पोखर के किनारे विसर्जन से पूर्व कपूर की आरती करें और श्री गणेश से खुशी-खुशी विदाई की कामना करें। उनसे धन, सुख, शांति, समृद्धि के साथ मनचाहे आशीर्वाद मांगे। 10 दिन जाने-अनजाने में हुई गलती के लिए क्षमा प्रार्थना भी कर लें।
- श्री गणेश प्रतिमा को फेंके नहीं, उन्हें पूरे आदर और सम्मान के साथ वस्त्र और समस्त सामग्री के साथ धीरे-धीरे बहाएं।
- श्री गणेश प्रतिमा इकोफ्रेंडली हैं तो उन्हें घर में विसर्जित कर अपने गमले में यह पानी डाल कर हमेशा लिए अपने पास रख सकते हैं। साथ ही पर्यावरण को सुरक्षित करने की भी एक पहल कर सकते हैं।
- विसर्जन के समय भगवान गणेश को हंसी-खुशी विदा करें।
- विसर्जन के दौरान काले कपड़े पहन कर ना जाएं। इस दिन लाल, हरे या पीले रंग के वस्त्र पहनने चाहिए।
- किसी खास तरह का नशा आदि न करें। विसर्जन या पूजन आदि के समय क्रोध करने से बचें।
- अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें और किसी को कटु वचन ना बोलें। माना जाता है कि जो लोग ऐसा करते हैं उनसे भगवान गणेश अप्रसन्न हो जाते हैं।
- जब भी गणेश विसर्जन के लिए जाएं तो आदिपूज्य भगवान लंबोदर, वक्रतुंड, विघ्नहर्ता, मंगलमूर्ति जैसे नामों को जरूर पुकारें। शास्त्रों के अनुसार जब किसी को विदाई दी जाती है तो दोबारा आने के लिए जरूर कहना चाहिए। ऐसा करने से भगवान गणेश जल्दी प्रसन्न होते हैं और अनजाने में हुई अपने भक्तों की गलतियों को क्षमा कर देते हैं।
विसर्जन का मुहूर्त
गणेश विसर्जन 23 सितंबर को सुबह 8 बजे से शुरू होकर 12 बजकर 30 मिनट तक चलेगा, फिर दोपहर को 2 बजे से शुरू होकर साढ़े 3 बजे तक चलेगा। इसके बाद शाम को 6 बजकर 30 मिनट से फिर गणपति का विसर्जन शुरू होगा जो रात के 11 बजे तक चलेगा।
Updated on:
22 Sept 2018 03:26 pm
Published on:
22 Sept 2018 03:23 pm
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