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खुशी सुसाइड : नशे में देख भाई ने फटकारा तो चढ़ गया खुशी का पारा, फ्लैट पर जाकर दे दी जान

हाइ प्रोफाइल मामला पुलिस फाइल बंद करने की तैयारी में

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khushi kunwal

खुशी की खुदकुशी : खड़े हो रहे सवाल, क्यों गायब हुआ पाटवाला

इंदौर. खुशी कूलवाल आत्महत्या के मामले में लसूडिय़ा पुलिस ने शुक्रवार को उसके दोस्त राहुल पटवाल के बयान लिए। राहुल ने बताया, खुशी ने आत्महत्या से एक रात पहले नशे में विवाद कर हंगामा कर सुसाइड नोट भी लिखा था, जिसे मैंने फाडक़र फेंक दिया और उसे समझाइश दी थी। शाम को मैं फ्लैट से चला गया, जिसके बाद रात में उसने फांसी लगा ली।

राहुल खनन कारोबारी है। इंदौर के साथ उज्जैन में भी उसका निवास है। वह शादीशुदा है, करीब 4 माह से खुशी के संपर्क में था और कई बार उसके फ्लैट में रहा। माना जा रहा है कि पति मयंक से अलग होने के बाद से ही खुशी राहुल के संपर्क में थी। फ्लैट किराए पर लेने में राहुल की भूमिका थी। घटना के बाद से ही दोस्त राहुल लापता था, उसने अपने फोन भी बंद कर लिए थे। राहुल कुछ लोगों के जरिए गुरुवार को सीएसपी जयंतसिंह राठौर के पास पहुंचा। शुक्रवार को वह सीधे वरिष्ठ अधिकारी के कार्यालय पहुंचा, जहां से लसूडिय़ा टीआइ संतोष दूधी की टीम ने उसे अपने साथ लिया।

टीआइ दूधी ने बताया, राहुल के मुताबिक 18 जुलाई की रात खुशी व दो दोस्त पवन यादव व कमलेश के साथ वह विडोरा पब गया था। वह नशा करने के बाद डांस कर रहे थे। रात 1.30 बजे खुशी का भाई वहां आया और नशे की स्थिति में देख उसे जमकर फटकार लगाते हुए खुशी से कहा, उसकी हरकतों के कारण परिवार बदनाम हो रहा है। फटकार लगाने के बाद भाई तो चला गया, खुशी का पारा चढ़ चुका था। कुछ समय बाद वे कमलेश के साथ निकले। कमलेश ने राहुल व खुशी को फ्लैट पर छोड़ा और चला गया।

विधायक का भाई नाना पटवारी भी पहुंचा था फ्लैट पर

राहुल का कहना है, खुशी ने भाई की बात पर खूब विवाद किया। वह घर के सामान फेंक रही थी। अलसुबह उसने कांच फेंका, जिसे पकडऩे में राहुल के हाथ में चोट भी आई। हाथ से खून निकलने के बाद खुशी का पारा कुछ ठंडा हुआ। दोपहर में राहुल ने अपने दोस्त नाना पटवारी को फोन कर बुलाया। नाना विधायक जीतू पटवारी का भाई है। नाना कार से फ्लैट पर पहुंचा। उसकी कार से राहुल, खुशी व नाना महालक्ष्मी नगर स्थित निजी नर्सिंग होम गए, जहां राहुल का इलाज हुआ। राहुल ने कहा, नाना पटवारी इसके बाद उन्हें फ्लैट पर छोडक़र चला गया था।

बयान की तस्दीक की

रात में खुशी ने फांसी लगा ली और सुसाइट नोट में उसने मौत के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं माना। राहुल का कहना है कि आत्महत्या की बात पता चलने से वह डर गया था और पुलिस के सामने नहीं आ रहा था। इससे ज्यादा वह कुछ नहीं जानता है। पुलिस राहुल को लेकर पब व नर्सिंग होम भी गई, जहां उसके बयान की तस्दीक हुई। टीआइ ने नाना पटवारी से फोन पर बात की, जिसमें उसने नर्सिंग होम ले जाने की बात मानी। अब नाना के साथ ही अन्य लोगों को पुलिस बयान के लिए बुलाएगी। परिवार के लोगों के भी बयान होंगे। मोबाइल की भी जांच की जा रही है।

खुशी कूलवाल खुदकुशी मामला हाइ प्रोफाइल होने की वजह से पुलिस ने जांच बंद करने की तैयारी कर ली है। सवाल खड़े हो रहे हैं कि जब पाटवाला निर्दोष था तो इतने दिन क्यों गायब रहा? वहीं नाना पटवारी भी शंका के घेरे में है, क्योंकि पाटवाला ने बयान में आत्महत्या के दिन उसके साथ जाने की बात कही। खुशी कई रसूखदार लोगों से जुड़ी थी, जिनसे लगातार सोशल मीडिया पर चेटिंग भी हुई।

पुलिस ने लिए सीसीटीवी के फुटेज
आत्महत्या के पहले नाना पटवारी ही खुशी और राहुल को अस्पताल लेकर पहुंचा था। इस बात की पुष्टि अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज से भी हो गई है।