
इंदौर. कुलकर्णी भट्टा का नाम नगर निगम ने कागजों में बदलने का फैसला ले लिया है। इसका नाम कुलकर्णी नगर करने की घोषणा मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने 31 मई को इंदौर में की थी। मुख्यमंत्री की घोषणा को निगम ने दूसरे दिन ही कागजों में पूरा कर दिया।
कुलकर्णी भट्टा पुल का उद्घाटन मुख्यमंत्री ने 31 मई की रात करीब 12 बजे किया था। उस समय उन्होंने इस पुल के साथ ही कुलकर्णी भट्टा क्षेत्र का नामकरण भी करने की घोषणा की थी। पुल को जहां उन्होंने हरिङ्क्षसह नलवा पुल का नाम दिया था, वहीं कुलकर्णी भट्टा क्षेत्र में भट्टे खत्म होने और अब केवल जनता के रहने के कारण इस क्षेत्र का नाम बदलने की भी बात कही थी। उन्होंने मंच से ही इस क्षेत्र को कुलकर्णी नगर नाम देने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद निगम ने तुरंत इस क्षेत्र का नाम बदलकर कुलकर्णी नगर करने की फाइल चला दी थी। इसके बाद प्रस्ताव को पारित भी कर दिया गया है। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने 31 मई को इंदौर में की थी। मुख्यमंत्री की घोषणा को निगम ने दूसरे दिन ही कागजों में पूरा कर दिया।
दूसरे दिन की ही तारीख में बदला नाम
सीएम ने कुलकर्णी भट्टा पुल का नाम बदलने की घोषणा 31 मई को की थी। 1 जून को शाम 4 बजे आचार संहिता की घोषणा हुई थी। निगम के रिकॉर्ड के मुताबिक सीएम की घोषणा के क्रम में 1 जून को निगमायुक्त सहित अन्य अफसरों ने सहमति दी। प्रस्ताव को संभागायुक्त और निगम प्रशासक डॉ. पवन कुमार शर्मा के पास भेजा गया था। संभागायुक्त ने भी उसी दिन इसे लागू कर दिया।
Published on:
11 Jun 2022 12:24 am
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