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एक नींबू की कीमत 10 रुपए, पहली बार टूटे सारे रिकॉर्ड

नीबू में रिकॉर्ड तोड़ उछाल ने किए जनता के दांत खट्टे, मंडी स्थापित होने के 34 वर्षों में पहली बार 8 से 10 रुपए में बिक रहा नीबू

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विशाल माते@ इंदौर. गर्मी के बढऩे के साथ नीबू पानी, सोडा, जलजीरा के साथ ताजगी का अहसास कराने वाला नीबू तेवर दिखाने लगा है। इस बार तो नीबू लोगों के स्वाद को कुछ ज्यादा ही खट्टा कर रहा है। सामान्य: एक-दो रुपए प्रति नग में बिकने वाला नीबू ८ से १० रुपए में मिल रहा है। 1984 में नई मंडी की स्थापना के बाद ३४ वर्षों में पहली बार नीबू का दामों में दस गुना तक वृद्धि हुई है। शहर की सबसे बड़ी चोइथराम थोक मंडी में 5 रुपए नग के सौदे हो रहे हैं जबकि बंगाली कॉलोनी, पलासिया, तिलकनगर, साकेत, अन्नपूर्णा, द्वारकापुरी, नंदलालपुरा, मालगंज, मालवा मिल, राजकुमार मिल, पाटनीपुरा समेत विभिन्न सब्जी-भाजी के बाजारों में ग्राहकों से प्रति नीबू 8 से १० रुपए वसूले जा रहे हैं। अपेक्षाकृत छोटे या कम रसदार नीबू भी ५ रुपए प्रति नग में मिल रहे हैं।

आवक आधी ही
नीबू के दामों में बेतहाशा बढ़ोतरी के पीछे कम आवक बताया जा रहा है। थोक व्यापारी दीपक सेठ ने बताया कि शहर में 400 से 500 बोरी नीबू की रोज खपत है, जबकि आवक 20 से 25 बोरी रह गई है। फसल में 75 प्रतिशत कमी आई है।

चेन्नई से रुकी आवक, अब बड़वानी के भरोसे
नीबू कारोबारी अमर सिंह राजौरे के मुताबिक इंदौर में नीबू मुख्य रूप से दक्षिण भारतीय राज्यों के साथ बड़वानी से आता है। शहर में मुख्य आपूर्ति मद्रास के नीबू से ही होती है, लेकिन फसल कम आने से आवक नहीं हो रही है। वहां फसल बिगडऩे का शहर के बाजार पर बड़ा असर पड़ा है। इन दिनों मंडियों में बड़वानी से ही नीबू आ रहा है, जो मांग के मुकाबले आधा ही है।

जून तक चढ़े रहेंगे भाव
थोक व्यापारी फारुख साइन का कहना है, आवक देखते हुए फिलहाल दाम नीचे आने के संकेत नहीं हैं। व्यापारियों का अंदेशा है कि इस गर्मी में नीबू के दाम इसी तरह से आसमान पर चढ़े रहेंगे। इसे देखते हुए जून के बाद ही इसके दामों में बड़ी कमी की संभावना है।