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Live gujarati garba festival- शहर की जमीन पर उतरेगा गुजराती गरबा

मालवा की धरती गुजराती रंग में ढली हुई नजर आएंगी। सभी गरबा पार्टिसिपेंट्स डांस की बारीकियों पर पकड़ बना चुके हैं।

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gujarati garba online

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इंदौर. सिर्फ एक दिन का इंतजार बचा है.. उसके बाद मालवा की धरती गुजराती रंग में ढली हुई नजर आएंगी। शहरवासी मां की भक्ति के में पूरे मन से समर्पित होंगे। गरबा प्रैक्टिस सेशन की मेहनत को परफॉर्मेंस में बदलने के लिए पार्टिसिपेंट्स तैयार है। गुजराती गीतों पर खनकते डांडिया और गोल घेरे में बिना कोई गलती किए पार्टिसिपेंट अपना टैलेंट दिखाएंगे। सभी गरबा पार्टिसिपेंट्स डांस की बारीकियों पर पकड़ बना चुके हैं। हाथ के मूवमेंट्स से लेकर फेसिअल एक्सप्रेशन तक परफेक्शन नजर आ रहा है।
हर जगह पर पहले दिन भक्ति भाव से पूर्ण मां की आरती को विशेष रूप से तैयार किया गया है। इसमें कई इनोवेशन भी गए। गरबा में एनर्जी लेवल का रहना जरूरी है, इसलिए सभी को सलाह दे रहे हैं कि डाइट में ज्यादा से ज्यादा हेल्दी फूड को शामिल करें। अब २१ सितंबर को ग्राउंड प्रैक्टिस होगी जो एक्साइटमेंट बढ़ाने वाली है।

सालसा गरबा
मुंबई जैसे बड़े शहरों से होता हुआ गरबे का सबसे लैटेस्ट ट्रेंड अब शहर में भी पहुंच चुका है। इसका नाम है सालसा गरबा। इन दिनों इंदौरियंस ये गरबा फॉर्म सीख रहे हैं। इसे सबसे पहले सूरत में इं़ट्रोड्यूज किया गया था और शहर के लोग भी इसे लेकर एक्साइटेड हैं।

स्पेशल म्यूजिक ट्रैक
इसमें स्पेशल म्यूजिक ट्रैक क्रिएट किया जाता है, जो लोगों में उत्साह भर देता है और गरबा का रोमांच और भी ज्यादा बढ़ा देता है। सालसा गरबा में सालसा की बेसिक स्टेप्स को डाला जाता है और ये कपल के साथ ही किया जाता है। इसमें केमिस्ट्री को मेन फोकस रखा जाता है। ट्रेडिशनल गरबा में वेस्टर्न डांस फॉर्म सालसा को मिक्स किया गया है। इसमें कमर में मूव्स पर भी काफी काम किया जाता है और इसकी खूबसूरती इसी से बढ़ती है।

हैंड मूव्स को सालसा के मूव्स की तरह करते हैं
गरबा के नॉर्मल स्टेप्स के बीच लेग और हैंड मूव्स को सालसा के मूव्स की तरह करते हैं। इसमें बीट्स भी एनर्जेटिक होते हैं। इसे 60 मिनट तक करने से 200 से 500 कैलोरी तक बर्न होती है। इस लिहाज से ये सेहत के लिए भी फायदेमंद है। पार्टिसिपेंट्स में सालसा गरबा सीखने को लेकर काफी एक्साइटमेंट है। हम भी इसमें कुछ एक्सपेरिमेंट कर रहे हैं, ताकि परफॉर्मेंस को यूनीक और बेहतर बनाया जा सके।

कृष्णलीला भी गरबा में देखने को मिलेंगी
जैसे-जैसे नवरात्र नजदीक आ रहे हैं वैसे ही पार्टिसिपेंट्स में उत्साह बढ़ता जा रहा है। डांडिया रास में कृष्ण के बचपन की लीलाएं देखने को मिलेंगी। इसमें गोपी के संग कृष्ण की रास-लीलाओं पर भी गरबा रास खेला जाएगा। पार्टिसिपेंट कृष्ण और राधा के प्रेम को सुंदर रूप में प्रस्तुत करेंगें। ट्रेनर ने बताया कि सबसे ज्यादा ध्यान हम चेहरे के हाव-भाव पर दे रहे हैं क्योंकि एक्सप्रेशन ही इसे खास बनाते हैं। हाव-भाव के साथ अच्छी परफॉर्मेंस देने के लिए सब मेहनत कर रहे हैं।