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लोकसभा चुनाव  : जब से उतरे सक्रिय राजनीति में… अस्त नहीं हुआ नए नवेला भाजपा सांसद का सूरज

वार्ड अध्यक्ष के रुप में शुरू हुआ था भाजपा में सक्रिय राजनीति का सफर

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sankar lalwani

लोकसभा चुनाव  : जब से उतरे सक्रिय राजनीति में... अस्त नहीं हुआ नए नवेला भाजपा सांसद का सूरज

इंदौर । लोकसभा चुनाव में रिकार्ड तोड़ मतों से जीतकर लालवानी इंदौर के सांसद हो गए। ३५ साल पहले राजनीतिक सफर शुरू किया था। वे ऐसे नेता हैं, जिनका सूरज कभी अस्त नहीं हुआ। एक जवाबदारी से मुक्त हुए नहीं कि पार्टी ने कोई दूसरा काम सौंप दिया।

३५ साल पहले विधानसभा चार (उस समय राऊ भी शामिल होता था) के भाजपा अध्यक्ष नंदकुमार मूलचंदानी ने शंकर की काम के प्रति लगन को देखते हुए जयरामपुर कॉलोनी वार्ड अध्यक्ष बनाया और उनकी राजनीति का सफर शुरू हुआ। मूलचंदानी के हटने के बाद अध्यक्ष की कुर्सी लालवानी को सौंपी गई। उस दौरान लंबे अंतराल के बाद नगर निगम के चुनाव हुए, जिसमें उन्हें जयरामपुर वार्ड से टिकट मिला।

उनका सामना अपने ही भाई प्रकाश लालवानी से हुआ, जिसमें वे जीते। लगातार तीन बार पार्षद बने और जनकार्य समिति के साथ सभापति पद पर भी रहे। निगम से हटने के कुछ ही माह बाद उन्हें नगर भाजपा का अध्यक्ष बना दिया गया। पांच साल अध्यक्ष रहे। २०१३ में चार नंबर से टिकट मांगने पर शिवराज सिंह चौहान व प्रदेश अध्यक्ष प्रभात झा ने आचार संहिता लगने के चंद घंटों पहले आईडीए अध्यक्ष बना दिया।

पहली बार में संचालक मंडल भी था, पर बाद के तीन साल अकेले अध्यक्ष रहे। छह माह पहले शिवराज सरकार जाने पर, इस्तीफा देना पड़ा था। फिर पार्टी ने सुमित्रा महाजन का टिकट काटकर उन्हें दे दिया। देशभर में मोदी लहर के चलते लालवानी ने भी रिकॉर्ड जीत ली।

मजेदार बात ये है कि पिछले दो दशक से लालवानी राजनीति के साथ में सामाजिक, सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों में भी शामिल रहे। लोक संस्कृति मंच के बैनर तले मालवा उत्सव, संजा, हरतालिका तीज और गुड़ी पड़वा के बड़े आयोजन करते रहे हैं।