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बगैर एनओसी बना दिए ढाई करोड़ की सड़कों के प्रस्ताव

ड्रेनेज, सड़क, बिजली और टेलीफोन लाइन के लिए नहीं ली संबंधित विभाग से अनुमति

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Sanjay Bhandari

Dec 24, 2015


इंदौर.
शहरवासियों के टैक्स की गाढ़ी कमाई के 2.45 करोड़ नगर निगम एक बार फिर बर्बाद करने जा रहा है। शहर में सीमेंट कांक्रीट के छह बड़े प्रस्तावों को मंगलवार को एमआईसी ने स्वीकृति दे दी, लेकिन इनमें से किसी भी काम के लिए ड्रेनेज, पेयजल व टेलीफोन जैसे संबंधित विभागों से एनओसी नहीं ली।


आदेशित है ऐसा करना


सरकार के नगरीय प्रशासन विभाग ने पांच साल पहले जनधन की सुरक्षा के म²ेनजर आदेश जारी करते हुए सभी नगर निगम व नगर पालिकाओं को सीमेंट कांक्रीट की सड़क बनाने से पहले पेयजल, ड्रेनेज, टेलीफोन, गैस लाइन आदि एजेंसियों से संपर्क कर उनसे एनओसी लेने को कहा था। कारण यह था कि सीमेंट कांक्रीट की सड़क बनने के बाद ड्रेनेज, पेयजल, गैस या टेलीफोन लाइन डाली जाती है तो सड़क फिर खोदना पड़ती है। इससे जनता के धन का नुकसान होता है। सरकार के निर्देश के बाद तत्कालीन निगमायुक्त योगेंद्र शर्मा ने समन्वय समिति भी बनाई थी।


इन सड़कों को दे दी मंजूरी


29.65 लाख रुपए से वार्ड 77 में गणेश नगर मेन रोड (खंडवा नाका से कुशवाह का बगीचा तक) सीमेंट कांक्रीट सड़क।

22.36 लाख रुपए से वार्ड 77 जोशी कॉलोनी की गलियों में सीमेंट कांक्रीट की सड़क।

72.86 लाख से वार्ड 83 सुदामा नगर सेक्टर ए व बी के बीच स्थित सड़क निर्माण व अन्य काम करना।

23.18 लाख से वार्ड 7 में शंकरगंज मेनरोड लक्ष्मीबाई चौराहा से जिंसी चौराहा तक सीमेंट सड़क।

59.99 लाख से वार्ड 80 पश्चिमी रिंगरोड पर वीआईपी परस्पर स्कीम 97/4 स्लाइस 4 की सर्विस रोड का सीमेंटीकरण।

37.59 लाख रुपए से वार्ड 16 की लेक पैलेस कॉलोनी में गली 1 से 5 तक सीमेंट सड़कें बनाना।


कोई फाइल नहीं आई

एनओसी के लिए कोई फाइल नहीं आई है। आएगी तो वहां की वस्तुस्थिति की जानकारी दे दी जाएगी।

- दिलीप सिंह चौहान, सिटी इंजीनियर जलकार्य


कोई एनओसी नहीं दी


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हमारे पास किसी तरह का प्रस्ताव न भेजा न आया। हमने किसी तरह की एनओसी नहीं दी है।

- संजीव श्रीवास्तव, एडीबी प्रोजेक्ट इंचार्ज

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