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बेटमा क्लस्टर अब 3500 एकड़ में, आकार लेंगे इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल व बायोटेक पार्क

2200 एकड़ का प्लान पहले ही तैयार, अब 3500 एकड़ में होगा विकास।

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बेटमा क्लस्टर अब 3500 एकड़ में, आकार लेंगे इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल व बायोटेक पार्क

बेटमा क्लस्टर अब 3500 एकड़ में, आकार लेंगे इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल व बायोटेक पार्क

इंदौर. शहर को महानगरीय क्षेत्र के साथ ही औद्योगिक विकास को भी गति देने की कवायद शुरू हो गई है। कैबिनेट ने पीथमपुर फेज-7 का एक्सटेंशन प्लान को मंजूरी दे दी है। अब बेटमा क्लस्टर िस्थत यह सेक्टर 3500 एकड़ में विकसित होगा। जमीन मप्र औद्योगिक विकास निगम लैंड पूलिंग नीति से अधिग्रहित करेगी। यहां इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल व बायोटेक पार्क के साथ ही लॉजिस्टिक हब की योजना बना रहे हैं। इसके व इंदौर से पीथमपुर के बीच 21 किमी के इकानॉमिक कॉरिडोर विकसित होने पर आने वाले तीन साल में 50 हजार प्रत्यक्ष व इतने ही अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। 25 हजार करोड़ रुपए निवेश मिलने की उम्मीद है।

मप्र औद्योगिक विकास निगम द्वारा दिल्ली-मुबंई इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर के तहत विकसित किए जा रहे बेटमा क्लस्टर के फेज-टू को हरी झंडी मिल गई है। पिछले दिनों ऑटो एक्सपो में इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल कंपनियों की मांग को देखते हुए करीब 1250 एकड़ और जमीन अधिग्रहण मंजूरी के लिए प्रस्ताव भेजा था। सरकार की मंजूरी मिलने पर अब इसे पहले चरण के साथ ही विकसित किया जाएगा। यह निजी जमीन लैंड पूलिंग से ली जाएगी। इसमें किसान को 20 प्रतिशत नकद राशि और 80 फीसदी जमीन देंगे। क्षेत्र का विकास निगम करेगा। इसमें औद्योगिक उपयोग के साथ ही अन्य उपयोग की जमीनें भी होंगी। इसका विकास प्लान तैयार कर लिया गया है। जल्द अधिग्रहण की सूचना का प्रकाशन कर किसानों से अनुबंध किए जाएंगे। जमीन पर कब्जा मिलते ही टेंडर जारी होंगे।

निगम के कार्यकारी संचालक रोहन सक्सेना के अनुसार बेटमा क्लस्टर को विकसित करने के लिए पीथमपुर का विस्तृत मास्टर प्लान तैयार किया है। इसमें निजी जमीनें लैंड पूलिंग नीति से ली जा रही हैं। पहले फेज में करीब 1500 एकड़ निजी व 700 एकड़ सरकारी जमीन ली गई। ऑटो एक्सपो में इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल कंपनियों की रूचि देखते हुए इस प्रोजेक्ट को और विस्तृत करने की अनुमति मांगी गई थी। अब निगम 3500 एकड़ में इसका विकास करेगा।

इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल पार्क

पीथमपुर ऑटो मोबाइल के क्षेत्र में देश का अग्रणी सेंटर है। यहां इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल का निर्माण भी शुरू कर दिया गया है। नेटि्रप व अन्य सुविधाएं होने पर सरकार अब यहां ईवी व्हीकल निर्माण कंपनियां, ऑटो एनसीलरिज, बैटरी निर्माता व टायर कंपनियों के लिए भी सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए ईवी पार्क तैयार कर रही है। इसमें एक्सपो के दौरान ही करीब 25 से ज्यादा कंपनियों ने अपनी रूचि दिखाते हुए सरकार को एप्रोच किया है।

बायोटेक पार्क

इस क्लस्टर में बायोटेक पार्क की भी योजना है, जिससे बायो टेक्नालॉजी के क्षेत्र में काम कर रही उत्पादक कंपनियां, स्टार्ट अप इंदौर के आसपास आ सकें। बेटमा क्लस्टर में इसके लिए भी प्लानिंग की जा रही है।

लॉजिस्टिक हब

बेटमा क्लस्टर का तीसरा बड़ा आकर्षण लाजिस्टिक हब होगा। इसके लिए करीब 300 हेक्टेयर जमीन तय की गई है। इस संबंध में सड़क परिवहन मंत्रालय के अफसरों से चर्चा भी चल रही है। इस पार्क से गुजरात व महाराष्ट्र पोर्ट पर आवाजाही सड़क व रेल मार्ग दोनों से होने की सुविधा मिलेगी। यहां से दिल्ली-मुबंई एक्सप्रेस हाई-वे के गरोठ नोड तक भी सीधा मार्ग तैयार किया जाएगा।