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Election 2018 : कांग्रेस प्रवक्ता बोलीं- मप्र में महिलाओं पर अत्याचार होता है और भाजपा महिला नेत्रियां चुप रहती हैं

चुनावी समर में इंदौर समेत बड़े शहरों में मुद्दे उठाने के लिए कांग्रेस द्वारा नियुक्त खुशबू सुंदर इंदौर आईं।

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इंदौर

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Hussain Ali

Nov 02, 2018

congress

Election 2018 : कांग्रेस प्रवक्ता बोलीं- मप्र में महिलाओं पर अत्याचार होता है और भाजपा महिला नेत्रियां चुप रहती हैं

इंदौर. चुनावी समर में इंदौर समेत बड़े शहरों में मुद्दे उठाने के लिए कांग्रेस द्वारा नियुक्त खुशबू सुंदर गुरुवार को इंदौर आईं। उन्होंने भाजपा सरकार को महिला सुरक्षा पर घेरते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश में महिलाओं के प्रति अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। बलात्कार की घटनाओं में दो वर्ष में ही 532 फीसदी का इजाफा हुआ, लेकिन भाजपा नेत्रियां चुप रहती हैं। प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री अर्चना चिटनिस, केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी, निर्मला सीतारमण, सुषमा स्वराज कभी कुछ नहीं बोलतीं।

खुशबू ने कहा, मप्र में मामा सरकार के आने के बाद बलात्कार में 70 फीसदी, महिलाओं के अपहरण में 755 फीसदी, बच्चियों से बलात्कार के मामले में 149 फीसदी की वृद्धि हुई। वर्तमान में महिला अपराध से जुड़े 85,383 मामले लंबित हैं। 2004 में महज 6733 मामले थे। शिवराज सरकार में महिला अपराधों में 27.8 फीसदी को सजा हुई है। उन्होंने केंद्र सरकार के रेकॉर्ड के आधार पर आरोप लगाया, प्रदेश में 32 फीसदी बच्चियों की शादी कराई जा रही है। शिशु मृत्युदर 32 फीसदी है। सर्वाधिक बच्चे कुपोषण का शिकार हैं। इन बातों पर भाजपा सरकार जवाब नहीं देती है।

मुस्लिम हूं, पर भाजपा को बाद में समझ आया

सोशल मीडिया पर उनको मुस्लिम होने के लिए ट्रोल किए जाने पर खुशबू ने कहा, जन्म से ही उनका नाम नखत खान था। खुशबू सुंदर उनका स्क्रीन नाम है। वे आज भी मुस्लिम हैं।

सबरीमला पर राहुल गांधी से जुदा विचार

केरल के सबरीमला मंदिर पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और राष्ट्रीय प्रवक्ता खूशबू सुंदर की राय अलग-अलग है। राहुल ने इंदौर में कहा था, महिला-पुरुष बराबर होते हैं। दोनों को सभी जगह जाने का हक है, पर केरल इकाई की सोच अलग है और मैं उनके साथ हूं। वहीं, खुशबू सुंदर का कहना है, देश में सब बराबर हैं। किसी मे कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए।

पटेल के स्टेच्यू से देश को क्या फायदा

सरदार वल्लभ भाई पटेल की सबसे बड़ी प्रतिमा लगाने को लेकर खुशबू ने कहा, स्टेच्यू से भी बड़ा कई मुद्दा है, इस पर कितना और किसका पैसा लगा है। जितना पैसा इस स्टेच्यू को बनाने पर खर्च हुआ है, उतना पैसा मजूदरों-किसानों पर खर्च किया जा सकता था। लेकिन प्रधानमंत्री ने स्टेच्यू केवल इसलिए बनवाया,ताकि उनका नाम हमेशा सबके सामने रहे।