
मिस्र तक जाएगा मालवा का उन्नत गेहूं
इंदौर. मालवा के उन्नत गेहूं की रौनक जल्द ही मिस्र तक पहुंचेगी। पौष्टिकता के साथ ही कई अन्य खूबियों के चलते मध्यप्रदेश का गेहूं देशभर में बहुत लोकप्रिय है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पहल पर मिस्र (इजिप्ट) का एक दल सोमवार को इंदौर पहुंचा। यहां उन्होंने मालवा के गेहूं निर्यातकों के साथ संवाद किया। उन्होंने खेेत व भंडारण का निरीक्षण किया और विशेषज्ञों के साथ गेहूं की क्वालिटी की भी जानकारी ली। केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय, एपिडा के अधिकारियों के साथ आए दल को मालवा-निमाड़ के एक्सपोर्ट क्वालिटी गेहूं दिखाया गया।
दल के प्रमुख इंजीनियर इस्लाम फरहद अब्दुल अजीज ने कहा, हमारे यहां गेहूं की आपूर्ति दूसरे देश से आयात करके ही होती है। इसका बड़ा हिस्सा हम रूस और यूक्रेन से खरीदते हैं। हम भारत से भी गेहूं खरीदना चाहते हैं। इसके लिए 2019 में भी प्रयास किए थे, लेकिन कोरोना के कारण बात आगे नहीं बढ़ी। इन दिनों रूस-यूक्रेन में चल रहे युद्ध के बाद हमें विकल्प देखना पड़ रहे हैं। हमारी सालाना जरूरत करीब 125 लाख टन है। मप्र के साथ ही भारत की अन्य लोकेशन पर भी जाएंगे। आशा करते हैं, भारत का नाम हमारे एक्सपोर्टर की सूची में शामिल कर सकें। दल में डॉक्टर सालेह अब्दुल सत्तार वहिंग अहमद, इंजीनियर अहमद रबी अब्दुल्ला अब्दुल कादिर भी शामिल हैं।
मप्र में गेहूं उत्पादन
वर्ष ---- रकबा ---- उत्पादन
2018-19 ---- 77.2 ---- 252.7
2019-20 ---- 102 ---- 371.9
2020-21 ---- 98 ---- 356
(रकबा हेक्टेयर और उत्पादन लाख मेट्रिक टन में)
मप्र के गेहूं एक्सपोर्टर भी करें मिस्र का दौरा
कलेक्टर मनीषसिंह ने कहा, यहां से निर्यात की अच्छी संभावनाएं हैं। उन्होंने केंद्रीय दल से कहा, यदि मप्र के एक्सपोर्टर का दल मिस्र जा कर गेहूं की जानकारी दे तो संभावनाएं और बढ़ेंगी।
पास्ता के लिए प्रसिद्ध है हमारा गेहूं
कृषि वैज्ञानिक केसी शर्मा ने उन्हें प्रदेश में उत्पादित होने वाली गेहूं की गुणवत्ता की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया, मप्र का गेहूं करनाल बंट फ्री है। ग्रेन एक्सपोर्टर पंकज गोयल ने बताया, एमपी ब्रांड तो दुनिया में प्रसिद्ध है। यहां प्रोटिन व हाई ग्लूटेन वेल्यू है। हमारे ड्यूरम गेहूं की मांग पास्ता के लिए बहुत है।
... तो 20 गुना वृद्धि होगी निर्यात में
निर्यातकों ने कहा, मिस्र दुनिया के सबसे बड़े गेहूं आयातकों में से एक है। यदि वह हमें सूची में शामिल कर ले तो हमारे निर्यात में 20 गुना बढ़ोतरी होगी। केंद्रीय मंत्रालय से सीबी सिंह, डॉ रवि प्रकाश, संजय आर्य, प्रदेश से मंडी बोर्ड के डीके नागेन्द्र, सीके वशिष्ठ, महेन्द्र सिंह चौहान मौजूद थे।
मंडी फीस वापस कर रहे
मुख्यमंत्री ने हाल ही में राष्ट्रीय निर्यातकों/कृषि उद्योगों को प्रदेश मे बढ़ावा देने के लिए आमंत्रित करने के उद्देश्य से पात्र निर्यातकों को मण्डी फीस की प्रतिपूर्ति प्रदान करने का निर्णय लिया है। इससे भी गेहूं निर्यात की संभावनाएं बढ़ेंगी।
Published on:
12 Apr 2022 01:30 am
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