
गणगौर के बाने में दिखी मारवाड़ी संस्कृति
इंदौर. मारवाड़ी माहेश्वरी प्रगति मंडल की महिलाओं ने रविवार को धूमधाम से गणगौर उत्सव एवं सिंजारा का आयोजन किया। शाम 5 बजे गीताभवन मंदिर से कैलाश पार्क और मनोरमा गंज के रास्तों से गुजरते हुए गीता भवन मंदिर तक मां गौरी के गणगौर का बाना (शोभा यात्रा) निकला। इसके बाद मंदिर प्रांगण में मां गौरी के समक्ष गणगौर के गीत, नृत्य एवं सिंजारा का आयोजन हुआ। संतोष मूंधड़ा, अंजू राठी और सुरभि बाहेती ने बताया कि मारवाड़ से आए हुए माहेश्वरी समाज की महिलाओं द्वारा हर घर में गणगौर पूजा का आयोजन होता है। होली के दूसरे दिन से ही कन्याओं द्वारा पूजन शुरू हो जाता है। इसी के तहत हम यह बाना भी निकालते हैं। इसके लिए कई दिन पहले से समाज की महिलाएं उत्साह के साथ तैयारी करती हैं। इसमें मारवाड़ी संस्कृति की झलक देखने को मिलती है।
आज घर-घर विराजेंगी गणगौर
सोमवार को घर-घर गणगौर माता विराजेंगी। महिलाएं सुबह ज्वारा लेने के लिए जाएगी और बाड़ी का पूजन होगा। महिलाएं घरों पर गणगौर माता का श्रृंगार कर पूजन करेंगी। पाठ कर गीत गाए जाएंगे। सोमवार से गणगौर उत्सव की शुरुआत होने जा रही है। मालवा-निमाड़ के प्रमुख उत्सव में गणगौर माता का विशेष श्रृंगार कर पूजन होगा। सुबह-शाम नैवेद्य लगाए जाएंगे। शाम को गणगौर गीत गाने के लिए महिलाएं एकत्र होगी। माता को पानी पिलाने के दोहे बोले जाएंगे। उसके बाद मेहंदी और पताशों का वितरण होगा। कई घरों में दो दिन के लिए ही माता की स्थापना की जाती है। मंगलवार को कई घरों से विदाई होगी। उसके बाद मान के लिए कई घरों में रथ ले जाने की प्रथा है।
Published on:
08 Apr 2019 04:37 pm

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