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यह है दान-पुण्य करने वाला शहर

लाखों रुपए आते है दान में, मरीजों को दवाई और अस्पताल को देते हैं उपकरण, रक्तदान करने वालों की लगती है लाइन  

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इंदौर

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Amit Mandloi

Jan 26, 2018

medicine by donation charity

रणवीर सिंह कंग
एमवायएच: जितना बड़ा अस्पताल, उतना ही बड़ा मानव सेवा का जज्बा

रक्त, उपकरण, दवा, खाने से लेकर शवों के लिए कपड़े तक होते हैं दान

इंदौर. प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल को चलाने शासन, प्रशासन और मेडिकल कॉलेज का सिस्टम काम करता है, लेकिन इस अस्पताल में शहर का बड़ा ही मानवीय पहलू भी देखने को मिलता है। शहर के लोग हर माह लाखों रुपए का दान कर गरीबों की सेवा का काम करते हैं। इस काम को पूरा करने के लिए सालों से कई संस्थाएं अपनी सेवाएं दे रही हैं।

रक्तदान : एमवाय अस्पताल में ब्लड बैंक में मरीजों को लगने वाले रक्त की व्यवस्था रक्तदान करने वाले लोगों पर निर्भर रहती है। यहां रविवार को बड़ी लोग में स्वेच्छा से रक्तदान करने पहुंचते हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से भी रक्त अर्चना, हेल्प इंदौर, सेवा एक लक्ष्य, ब्लड डोनर इंदौर जैसे ५० के करीब ग्रुप सक्रिय हैं।

दवाइयां : एमवाय अस्पताल परिसर में सहायता केंद्र से २० वर्षों से दान और सेवा का कार्य चल रहा है। केंद्र पर 15 वरिष्ठ नागरिक सुबह से शाम तक सेवा देते हैं। अलग-अलग संस्था और लोगों से राशि दान में लेते है। केंद्र में एक रुपए की गोली से लेकर 2 हजार रुपए तक के इंजेक्शन भी उपलब्ध हैं, जो मरीजों को नि:शुल्क उपलब्ध कराए जाते हैं। डॉक्टर से चि_ी कटवाकर मरीज सीधे सहायता केंद्र पहुंचते हैं। परपीड़ाहर सोसायटी और सहायता संस्था द्वारा 9 लाख रुपए महीने तक की दवाएं हर माह बांटी जाती हैं। साथ ही गरीब मरीजों की जांचे भी कराई जाती है।

उपकरण : परपीड़ाहर सोसायटी द्वारा हाल ही में नवजात बच्चों के वार्ड में आग लगने की घटना के बाद आईसीयू के लिए २७ लाख रुपए के उपकरण दान किए गए। दानदाताओं के सहयोग से सोसायटी द्वारा हर माह पांच लाख रुपए खर्च किए जा रहे हैं। ऑपरेशन में लगने वाली सामग्री, दवाएं, बर्न यूनिट के लिए विशेष ड्रेस सहित कई प्रकार की सेवाएं की जा रही हैं। मरीजों के लिए संस्था कपड़े भी उपलब्ध कराती है। पाकीजा चेरिटेबल ट्रस्ट द्वारा हाल ही में अस्पताल को ओटी उपकरण स्ट्रेरेलाइजेशन के लिए लाखों की मशीन दान की गई। साथ ही पीएम रूम में शवों को लपेटने के लिए कपड़े की व्यवस्था नि:शुल्क की जाती है।

भोजन : एमवाय अस्पताल परिसर में गरीब लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था के लिए कई संस्थाएं रोजाना जुटती हैं। रामरोटी संस्था द्वारा घरों में बना ताजा खाना टिफिन में लाकर बाहर से आए लोगों को बांटती है। संस्था सुफलाम सेवा न्यास द्वारा मरीजों के लिए पोषक आहार, दूध गर्म करने की व्यवस्था के साथ अन्य सेवा कार्य किए जाते हैं। एक महत्वपूर्ण कार्य ओपीडी में आने वाले मरीजों के लिए व्हील चेयर मुहैया कराने का है। एक व्यक्ति पहचान पत्र लेकर व्हील चेयर देता है, अस्पताल का काम पूरा होने के बाद परिजन उसे लौटा देते हैं। संस्था बरगद द्वारा अस्पताल में हर माह ९० हजार रुपए का दूध गरीब मरीजों के लिए उपलब्ध कराया जाता है।

लोग मदद तो करना चाहते हैं, लेकिन पैसे के सही उपयोग को लेकर शंका रहती थी।

१२ साल पहले बीएचएल भोपाल से रिटायर्ड होने पर वापस इंदौर लौटा। तब से एमवाय में सेवा कार्य से जुड़ा हूं। आज परपीड़ाहर सोसायटी व सहायता संस्था पर लोगों का विश्वास बढऩे के साथ काफी मदद मिल रही है। शुरूआत में देखा कि लोग मदद तो करना चाहते हैं, लेकिन पैसे के सही उपयोग को लेकर शंका रहती थी। सोशल मीडिया के माध्यम से संस्था के काम को पारदर्शी बनाने के साथ मरीज की जानकारी देकर मदद मांगना शुरू किया, जिसके परिणाम बेहद सुखद रहे। आज समाज में धर्म-कर्म में पैसा लगाने की बजाए मानव सेवा का भाव को लेकर जागरूकता पैदा हुई है।

राधेश्याम साबू, परपीड़ाहर सोसायटी व सहायता संस्था

एमवाय अस्पताल के लिए शासन की ओर से हर मदद मिलती है। फिर भी शहर के लोग बढ़-चढक़र दान देने की भावना रखते हैं। भावना का सम्मान करते हुए उपकरण व अन्य मदद ली जाती है। कई संस्थाएं अस्पताल में रक्तदान सहित अन्य गतिविधियों में पूरा सहयोग देती हैं।

डॉ. शरद थोरा, डीन एमजीएम मेडिकल कॉलेज