
इंदौर. एमजीएम मेडिकल कॉलेज में पैथोलॉजी विभाग के जूनियर डॉक्टरों ने महिला प्रोफेसर के खिलाफ डीन को लिखित शिकायत की है। इसमें रेजिडेंट डॉक्टरों ने अब महिला प्रोफेसर की प्रताडऩा को असहनीय बताया है। इतना ही नहीं, करीब 15 रेजिडेंट डॉक्टरों ने पैथोलॉजी विभाग की डॉ. शिखा घनघोरिया के खिलाफ सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई है। अधिकांश छात्रों ने आरोप लगाया है कि डॉ. घनघोरिया उन्हें उनके द्वारा सौंपे गए पीएचडी गाइड के तहत काम करने की अनुमति नहीं दे रही हैं। साथ ही उन्हें अपने अधीन काम करने के लिए मजबूर कर रही हैं। शिकायतकर्ताओं ने कहा, प्रो. घनघोरिया ने उन्हें हिस्टोपैथोलॉजी विभाग में प्रवेश करने से रोकने के साथ परेशान और धमकी दे रही हैं।
नाम न छापने की शर्त पर एक शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि डॉ. घनघोरिया उन्हें सुबह 6 बजे विभाग में बुलाती थीं और सबूत के तौर पर उनकी गूगल लोकेशन मांगती थीं। इतना ही नहीं, डॉक्टरों को जमीन पर बैठकर दंडित भी किया। साथ ही उनके अनुसार काम न करने और विभागाध्यक्ष के आदेश मानने पर वह डांटती हैं। एक अन्य शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उन्होंने 2021 में भी शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन कॉलेज प्रशासन और विभागाध्यक्ष के उचित कदम उठाने के आश्वासन के बाद उन्होंने शिकायत वापस ले ली, लेकिन कोई कार्रवाई न होने के कारण फिर शिकायत दर्ज करानी पड़ी। कॉलेज के रिकॉर्ड के मुताबिक, प्रोफेसर के खिलाफ पिछले दो वर्ष में 30 से ज्यादा शिकायतें दर्ज की गई हैं।
विभागाध्यक्ष करवा रहें शिकायतें
उक्त मामले में डॉ. शिखा घनघोरिया का कहना है, पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष के दबाव में छात्रों ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। वे 2019 से हर नए बैच के छात्र मेरे खिलाफ सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करा रहे हैं। शिकायत नहीं करने पर फेल करने की धमकी भी दी जाती है। अंदरूनी प्रतिस्पर्धा के कारण मेरे खिलाफ शिकायतें करवाई जा रही हैं।
Published on:
29 Dec 2022 07:52 pm
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