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Mhow accident : भैया-भाभी के उठावने पर फूट-फूटकर रोई बहन, बोली – मैं नहीं जी पाऊंगी आपके बिना

महू लिफ्ट हादसा : बहन बोली - मेरे भैया-भाभी को लेकर आओ, पलकेश-पलक के उठावने में छलके परिवार के आंसू

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इंदौर

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Reena Sharma

Jan 03, 2020

Mhow accident : भैया-भाभी के उठावने पर फूट-फूटकर रोई बहन, बोली - मैं नहीं जी पाऊंगी आपके बिना

Mhow accident : भैया-भाभी के उठावने पर फूट-फूटकर रोई बहन, बोली - मैं नहीं जी पाऊंगी आपके बिना

इंदौर. मेरे भाई-भाभी को वापस ले आओ। मैं उनके बिना नहीं जी पाऊंगी। मेरा भाई व भाभी कहां चले गए। ये कहते-कहते पलकेश की बहन शिवानी बेसुध हो जाती। परिवार के लोग भी उसे देख गमगीन हो गए। वहां मौजूद लोगों की आंखों में भी आंसू थे। पातालपानी में फार्म हाउस पर लिट गिरने से पलकेश अग्रवाल व उनकी पत्नी पलक की मौत हो गई। गुरुवार को ब्रिलियंट कन्वेशन सेंटर में हुई शोक बैठक में परिवार के साथ ही वहां मौजूद हर व्यक्ति गमगीन नजर आया।

किसी को यकीन ही नहीं हो रहा था कि पलक व पलकेश अब इस दुनिया में नहीं रहे। इस दौरान पलकेश की बहन शिवानी पूरे समय गुमसुम रही। बैठक खत्म होने पर जब पलकेश व पलक का फोटो लेकर जाने लगे तो बहन शिवानी के आंसू छलक पड़े। फोटो देखकर वह कहने लगी कि भाई-भाभी के बिना मैं नहीं रह सकती। कैसे भी करके दोनों को वापस लाओ। ये देख वहां मौजूद महिलाएं अपने आंसू नहीं रोक पाई। दादी केसरीदेवी भी पलकेश व पलक का फोटो देखकर रोने लगी। परिवार के लोगों ने उन्हें काफी मुश्किल से संभाला।

इस दौरान पलकेश के पिता मुकेश भी रोने लगे। लोगों ने उन्हें ढांढस बंधाया। शोक बैठक में पुनीत की पत्नी नीति, बेटा निपुण व अन्य रिश्तेदार भी शामिल हुए। मालूम हो, 31 दिसंबर को पातालपानी में फार्म हाउस पर हुए हादसे में उद्योगपति पुनीत अग्रवाल, उनका पोता नव, बेटी पलक, दामाद पलकेश, पलकेश के जीजा गौरव व उनके बेटे आर्यवीर की मौत हो गई थी। गौरव की पत्नी निधि गंभीर रुप से घायल है। हादसे में पुनीत की पत्नी नीति व बेटा निपुण बच गए थे।

टोल नाको के लिए मैनपॉवर तैयार करना चाहते थे

मंगलवार को महू में हुए ट्राली हादसे में मृत पुनीत अग्रवाल ने हाई-वे सडक़ों के साथ टोल कारोबार ाी तेजी से फैलाया था। आर्थिक तौर पर सक्षम अग्रवाल एनएचएआई के साथ मिल कर ओएमटी के क्षेत्र में ही काम करना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने एक बड़ी टीम ाड़ी की थी। हाल ही में वे केंद्र सरकार के अफसरों के साथ मिल कर आए थे। उनके मित्र गौतम कोठारी बताते हैं, अग्रवाल की मंशा एक टोल ऑपरेशन में एक प्रमाण पत्र कोर्स करवाने की थी। इसके लिए १ हजार युवाओं को प्रशिक्षण देना चाहते थे। पीथमपुर ऑटो लस्टर से चर्चा ाी चल रही थी।