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Indore Milky-Way Talkies : 90 वर्ष, 9 मिनट में ध्वस्त

सुप्रीम कोर्ट से केस जीतने के बाद बेशकीमती जमीन का नगर निगम ने लिया कब्जा, तोड़ा सिनेमा हॉल, गोडाउन, गैरेज और दुकानों को

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Indore Milky-Way Talkies : 90 वर्ष, 9 मिनट में ध्वस्त

Indore Milky-Way Talkies : 90 वर्ष, 9 मिनट में ध्वस्त

इंदौर. नगर निगम अमले ने 90 वर्ष पुराने मिल्की-वे टॉकीज को आज सुबह 9 मिनट में ध्वस्त कर दिया। सिनेमा हॉल, गोडाउन, गैरेज और टॉकीज के बाहर बनी दुकानों को भी तोड़ दिया गया। सुप्रीम कोर्ट से केस जीतने के बाद नगर निगम ने यह तोडफ़ोड़ कर टॉकीज की 19200 वर्गफीट बेशकीमती जमीन पर कब्जा ले लिया है।

एमजी रोड पर रीगल टॉकीज के पास मिल्की-वे टॉकीज सन् 1932 में शुरू हुआ था। आज उसे 90 वर्ष हो गए। निगम ने 19200 वर्गफीट यह जमीन दशकों पहले होमी रागीना को टॉकीज के लिए लीज पर दी थी। लंबे समय तक यहां टॉकीज संचालित होता रहा। 1992 में लीज समाप्त होने पर निगम ने लीज नवीनीकरण कर दिया। कुछ साल बाद संचालकों ने टॉकीज बंद कर दिया। लीज शर्तों का उल्लंघन होने पर राज्य सरकार ने जमीन की लीज निरस्त कर दी। फैसले को रागीना परिवार ने जिला कोर्ट में चुनौती दी। तर्क था कि जमीन निगम ने लीज पर दी थी, लीज नवीनीकरण भी हो चुका है। ऐसे में लीज निरस्त करने का अधिकार राज्य सरकार को नहीं है। कोर्ट ने परिवार के पक्ष में फैसला देते हुए लीज निरस्त का आदेश खारिज कर दिया। कोर्ट ने माना था कि जमीन निगम की है, इसलिए राज्य शासन लीज निरस्त नहीं कर सकती। फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई, हाई कोर्ट ने जिला के फैसले को यथावत रखा। फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई, जिस पर 2 मार्च को निगम के पक्ष में फैसला आया। सुप्रीम कोर्ट ने माना कि जमीन निगम की है, लेकिन राज्य सरकार को इसकी लीज निरस्त करने का अधिकार है। जमीन की मालिकियत निगम की ही रहेगी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से निगम को बड़ी राहत और बेशकीमती जमीन मिल गई।

सुबह 8 बजे से शुरू हो गई तोडफ़ोड़

निगम लीज शाखा द्वारा स्ट्रक्चर हटाने को लेकर दिए गए नोटिस की मियाद खत्म होने के बाद आज सुबह 8 बजे निगम लीज शाखा और रिमूवल विभाग के अफसर टॉकीज की जमीन का कब्जा लेने पहुंचे। कब्जा देने के लिए मौके पर कोई मौजूद नहीं था। इस पर निगम अफसरों ने ताला तोडक़र कब्जा लिया। इसके बाद जमीन पर बने सिनेमा हॉल, गोडाउन, गैरेज और टॉकीज के बाहर अवैध रूप से बनी दुकानों-गुमटियों को तोड़ दिया गया। पुलिस चौकी को निगम ने छोड़ दिया। सुबह 8 बजे शुरू हुई तोडफ़ोड़ महज आधे घंटे में ही खत्म हो गई, क्योंकि टॉकीज के खाली होने के साथ सिर्फ दीवारें बची थीं, जिसे दो पोकलेन और दो जेसीबी के जरिए जमींदोज कर दिया गया। मिल्की वे पर कार्रवाई के दौरान निगम अफसर लोकेंद्र सिंह सोलंकी, लता अग्रवाल, दिनेश शर्मा, अश्विन जनवदे आदि मौजूद थे। तोडफ़ोड़ के बाद टॉकीज की जीमन को कब्जे में लिया गया।

नोटिस मिलने के बाद ले गए सामान

केस जितने के बाद बाद निगम लीज शाखा ने जमीन से 7 दिन में स्ट्रक्चर हटाने को लेकर रूमी रागीना, बेप्सी रागीना, अरीना रागीना, पितीकाली सेठना और दिनीयाज सोहराब ईलावा को नोटिस दिया, ताकि कब्जा लिया जा सके। इन लोगों ने टॉकीज से कुर्सियां, पुरानी लकडिय़ां, दीवार तोड़ ईंट, चद्दरे और शटर सहित अन्य सामान निकालकर लोग ले गए।

अब तक शहर के इतने टॉकीज बंद

- रिवर साइड रोड स्थित प्रकाश टॉकीज।
- जवाहर मार्ग पर प्रेमसुख टॉकीज ।
- जूनी इंदौर स्थित देवश्री, अभिनयश्री व अमूलश्री टॉकीज।
- माणिक बाग स्थित सत्यम-शिवम टॉकीज।
- सुभाष मार्ग पर स्मृति और कुसुम टॉकीज।
- मालवा मिल चौराहा पर चंद्रगुप्त, चाणक्य और नीलकमल सिनेमाघर।
- भमोरी स्थित मनमंदिर टॉकीज।
- एमआर-9 पर अनूप टॉकीज।
- यशवंत निवास रोड पर स्टारलिट टॉकीज।
- एमजी रोड पर श्रीकृष्ण टॉकीज।
- संगम नगर स्थित संजय टॉकीज।
- जेलरोड पर अनूप सिनेमा।
- मल्हारगंज स्थित नवीनचित्रा सिनेमाघर।
- छावनी में राज टॉकीज।
- महारानी रोड पर अंजता-एलोरा टॉकीज।
- छोटी ग्वालटोली स्थित यशवंत और बेंबीनो टॉकीज।
- जेल रोड पर अलका-ज्योति टॉकीज।